गर्भावस्था

गर्भावस्था के 15वें सप्ताह में अल्ट्रासाउंड

ADVERTISEMENTS

गर्भावस्था के 15वें सप्ताह में होने का तात्पर्य है कि आपने न केवल सफलतापूर्वक अपनी पहली तिमाही पूरी कर ली है बल्कि दूसरी तिमाही की भी अच्छी शुरुआत हो चुकी है। इस समय तक ज्यादातर महिलाओं की गर्भाधान के साथ शुरू हुई समस्याएं जैसे मॉर्निंग सिकनेस, उबकाइयां, थकान और चिड़चिड़ापन खत्म हो जाती हैं। हालांकि फिर भी अक्सर कई मांएं अशांत, व्यग्र और चिंतित रहती हैं। उनकी यह चिंता गर्भ में पल रहे शिशु के स्वास्थ्य से संबंधित होती है। ऐसे में समय अनुसार अल्ट्रासाउंड स्कैन अनेक मांओं की इस चिंता को कम करने में मदद करता है। अल्ट्रासाउंड गर्भस्थ शिशु के स्वास्थ्य और विकास की जांच का एक माध्यम है और इसलिए महिलाओं के लिए गर्भावस्था के 15वें सप्ताह में अल्ट्रासाउंड करवाना महत्वपूर्ण हो सकता है।

15वें सप्ताह में अल्ट्रासाउंड स्कैन की आवश्यकता क्यों होती है

दूसरी तिमाही में मांओं को अपने शिशु के विकास और वृद्धि के बारे में जानने के अनेक कारण हैं, आइए जानते हैं;

  • गर्भावस्था के दौरान डॉक्टर यह जांच करते हैं कि शिशु का विकास ठीक तरह से हो रहा है या नहीं।
  • 15वें सप्ताह में आप यह देख सकती हैं कि शिशु कितना बड़ा हो गया है और इससे आपकी उत्सुकता थोड़ी कम होती है।
  • इस जांच में आप अपने बच्चे के भाव देख सकती हैं। अपने बच्चे को पहली बार मुस्कुराते या मुँह टेढ़ा करते हुए देखना हर माँ के लिए विशेष होता है।
  • इस जांच में डॉक्टर को शिशु के अन्य शारीरिक विकास के साथ-साथ उसके लिंग का भी पता लग सकता है। हालांकि भारत में इस बात की जानकारी देना अवैध है।

15वें सप्ताह के अल्ट्रासाउंड स्कैन की तैयारी कैसे करें

गर्भावस्था के 15वें सप्ताह में अल्ट्रासाउंड की तैयारी भी पिछली जांचों के अनुसार ही होती है। इसमें भी आपको अल्ट्रासाउंड स्कैन से पहले अत्यधिक पानी पीने के लिए कहा जाएगा। इसका कारण है कि आपका मूत्राशय पूरी तरह से भरा होने पर स्क्रीन पर शिशु की पिक्चर स्पष्ट नजर आती है। इसलिए आप स्कैन की प्रक्रिया शुरू होने से लगभग 1-2 घंटे पहले कम से कम 1 लीटर या अधिक पानी पिएं। जांच से पहले आप इतना पानी पी लें कि आपको पेशाब करने की इच्छा हो। परंतु इस बात का खयाल रखें कि परीक्षण पूरा होने तक आप पेशाब न जाएं।

ADVERTISEMENTS

15वें सप्ताह के अल्ट्रासाउंड स्कैन में कितना समय लगता है

अल्ट्रासाउंड की प्रक्रिया में आमतौर पर 10 से 15 मिनट ही लगते हैं परंतु यदि किसी प्रकार की समस्या दिखने या यह जांच सामान्य से अलग होने पर इस प्रक्रिया में अधिक समय लग सकता है। हालांकि, ज्यादातर मामलों में यह परीक्षण लगभग 1/2 घंटे में पूर्ण हो जाता है।

15वें सप्ताह में अल्ट्रासाउंड स्कैन कैसे किया जाता है

आमतौर पर अल्ट्रासाउंड स्कैन करते समय महिलाओं को कोई भी शारीरिक समस्या नहीं होती है। इस जांच के लिए आपको सीधा लेटने के लिए कहा जाएगा और डॉक्टर आपके पेट पर थोड़ा सा जेल लगाएंगे। जेल लगाने के बाद डॉक्टर आपके पेट पर ट्रांसड्यूसर रखकर घुमाते हैं, जिससे कम्प्यूटर स्क्रीन पर गर्भ में पल रहे शिशु का पूरा चित्र दिखाई देता है। यदि कोई भी समस्या नहीं है तो इस पूरी प्रक्रिया में अधिक समय नहीं लगता है, परंतु अगर सामान्य अल्ट्रासाउंड सही ढंग से नहीं हो पा रहा है तो डॉक्टर योनि के माध्यम से अल्ट्रासाउंड करने की सलाह देते हैं। ऐसी स्थिति में अल्ट्रासाउंड वेव ट्यूब योनि में डाली जाती है जिसकी मदद से गर्भ में पल रहे शिशु की स्पष्ट तस्वीर स्क्रीन पर दिखाई देती है। सभी मामलों में आधे घंटे से अधिक समय नहीं लगता है और इससे गर्भवती महिला को किसी भी प्रकार की शारीरिक हानि भी नहीं होती है।

ADVERTISEMENTS

स्कैन में क्या दिख सकता है

15वें सप्ताह में अल्ट्रासाउंड स्कैन आपको और डॉक्टर को शिशु के विकास व वृद्धि की बहुत सी जानकारी दे सकता है।

अल्ट्रासाउंड जांच के दौरान आप गर्भस्थ शिशु के अनेक भावों को देख सकती हैं – उसका मुँह बनाना, दुःखी होना या मुस्कुराना और यहाँ तक कि अपनी छोटी-छोटी आधी बंद आँखों से देखने का प्रयास करना। शिशु की इन गतिविधियों में उसकी नई व विकासशील मांसपेशियों का महत्वपूर्ण योगदान होता है। इसमें हो सकता है आप अपने शिशु को मुँह में अंगूठा डाले हुए देखें और साथ ही आपको उसके हाथ व पैर हिलते हुए नजर आएंगे। इस पिक्चर में आपको अपने बच्चे की पतली सी त्वचा भी दिखाई देगी जिसके अंदर रक्त वाहिकाएं चलती हुई नजर आएंगी। अब तक बच्चे का सिर और भौंहें भी दिखने लगती हैं और हो सकता है बच्चे के सिर पर पहले से ही थोड़े-थोड़े बाल हों। इन अस्थाई व बारीक बालों को लानुगो कहा जाता है। शिशु की हड्डियां अब भी विकसित हो रही हैं इसलिए उसकी उपास्थि धीरे-धीरे कठोर होगी। हालांकि बिलकुल भी फिक्र न करें शिशु की हड्डियां मुलायम रहेंगी ताकि जन्म के समय उसे जन्म नली से निकालने में सरलता हो। शिशु की हड्डियां, जन्म के बाद उसकी आयु के अनुसार ही मजबूत होती हैं। 15वें हफ्ते में गर्भस्थ शिशु सिर घुमाने व मुट्ठी बंद करने में सक्षम हो सकता है। इस समय तक शिशु के अंदरूनी अंगों का विकास भी हो जाता है इसलिए डॉक्टर लगभग 80% सटीकता के साथ बच्चे के लिंग का अनुमान लगा पाते हैं।

ADVERTISEMENTS

स्कैन में कोई असामान्यता दिखने पर क्या होगा

गर्भावस्था के 15वें सप्ताह में डॉक्टर अल्ट्रासाउंड स्कैन द्वारा शिशु के विकास व वृद्धि का अनुमान स्पष्ट रूप से लगा पाते हैं। इसलिए यदि उन्हें शिशु में किसी भी प्रकार की असामान्यता का संकेत मिलता है तो वे आपको अन्य परीक्षण करवाने की सलाह देते हैं। हालांकि 15वें सप्ताह का 3डी अल्ट्रासाउंड अधिक स्पष्ट रूप से दिखता है परंतु फिर भी सुनिश्चित करने के लिए यह पर्याप्त नहीं है।

गर्भावस्था के 15वें सप्ताह में किसी भी प्रकार का नियमित टेस्ट निर्धारित नहीं किया जाता है तथापि 35 वर्ष से अधिक आयु की महिलाएं एम्निओसेंटेसिस और मल्टीपल मार्कर टेस्ट का लाभ ले सकती हैं। शिशु में अनुवांशिक असामान्यताओं की जांच के लिए डॉक्टर आपके गर्भ में मौजूद एम्निओटिक द्रव की जांच करते हैं।

ADVERTISEMENTS

गर्भावस्था के 15वें सप्ताह में अल्ट्रासाउंड करवाने से शिशु व माँ, दोनों को लाभ मिलते हैं। अल्ट्रासाउंड के माध्यम से डॉक्टर शिशु के विकास की जांच करता है और एक माँ अपने बच्चे के भावों को पहली बार देखने का सुख प्राप्त करती है। यह स्कैन शुरूआती समय पर बच्चे में किसी भी प्रकार की असामान्यताओं का पता लगाने में भी मदद करता है, इसलिए इस अवधि में अल्ट्रासाउंड स्कैन महत्वपूर्ण माना जाता है।

सुरक्षा कटियार

Recent Posts

प्रिय शिक्षक पर निबंध (Essay On Favourite Teacher In Hindi)

शिक्षक हमारे जीवन में अत्यधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वह केवल किताबों से ज्ञान नहीं…

2 months ago

मेरा देश पर निबंध (Essay On My Country For Classes 1, 2 And 3 In Hindi)

मेरा देश भारत बहुत सुंदर और प्यारा है। मेरे देश का इतिहास बहुत पुराना है…

2 months ago

शिक्षा का महत्व पर निबंध (Essay On The Importance Of Education In Hindi)

शिक्षा यानी ज्ञान अर्जित करने और दिमाग को सोचने व तर्क लगाकर समस्याओं को हल…

2 months ago

अच्छी आदतों पर निबंध (Essay On Good Habits in Hindi)

छोटे बच्चों के लिए निबंध लिखना एक बहुत उपयोगी काम है। इससे बच्चों में सोचने…

2 months ago

कक्षा 1 के बच्चों के लिए मेरा प्रिय मित्र पर निबंध (My Best Friend Essay For Class 1 in Hindi)

बच्चों के लिए निबंध लिखना बहुत उपयोगी होता है क्योंकि इससे वे अपने विचारों को…

2 months ago

मेरा प्रिय खेल पर निबंध (Essay On My Favourite Game In Hindi)

खेल हमारे जीवन में बहुत अहम भूमिका निभाते हैं। ये न सिर्फ मनोरंजन का साधन…

2 months ago