गर्भावस्था के 7वें सप्ताह में अल्ट्रासाउंड

गर्भावस्था के 7वें सप्ताह में अल्ट्रासाउंड
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गर्भावस्था के लगभग 7वें सप्ताह में गर्भस्थ शिशु के हाथ व पैरों का निर्माण शुरू हो जाता है। इस सप्ताह में एक गर्भवती महिला अल्ट्रासाउंड के माध्यम से अपने गर्भ में पल रहे शिशु को पहली बार देख सकती है, यह अवधि उसके लिए अत्यधिक उत्साहपूर्ण होती है।

7वें सप्ताह में अल्ट्रासाउंड स्कैन की आवश्यकता क्यों होती है

गर्भावस्था के 7वें सप्ताह में अल्ट्रासाउंड करवाने के निम्नलिखित लाभ हैं;

  • शिशु की गर्भकालीन आयु डेटिंग स्कैन द्वारा पता लगाई जा सकती है।
  • गर्भावस्था के 7वें सप्ताह में अल्ट्रासाउंड के माध्यम से भ्रूण के हृदय की धड़कन का पता लगाया जा सकता है। भ्रूण के हृदय की धड़कन उसके स्वस्थ और जीवित होने का पहला संकेत होता है।
  • गर्भवती महिला के प्रजनन स्वास्थ्य की जांच की जाती है।
  • जुड़वां या गर्भ में पल रहे एक से अधिक भ्रूण कई जेस्टेशनल सैक्स (गर्भ की थैली) के रूप में दिखाई देती हैं।
  • इस स्कैन के माध्यम से अस्थानिक (एक्टोपिक) गर्भावस्था, जिसमें भ्रूण फैलोपियन ट्यूबमें होता है, का निदान किया जा सकता है।
  • असामान्यताओं का पता लगाने के लिए शिशु के विकास की तुलना उसकी गर्भकालीन आयु से की जा सकती है।
  • यदि गर्भवती महिला को रक्तस्राव या स्राव होता है, तो अल्ट्रासाउंड में इस समस्या के कारण का तुरंत पता लगाया जा सकता है।

डेटिंग स्कैन किसके लिए आवश्यक है

जिन महिलाओं का मासिक धर्म चक्र अनियमित होता है या जिन्हें अपने आखिरी मासिक धर्म की तारीख याद नहीं होती, उन महिलाओं की प्रसव तिथि का अनुमान लगाना कठिन होता है। साथ ही जिन महिलाओं ने गर्भनिरोधक गोलियां लेते समय गर्भधारण किया है या जो महिलाएं स्तनपान करा रही हैं, उनके गर्भधारण की तारीख का भी पता नहीं लगाया जा सकता है। इन स्थितियों में डेटिंग स्कैन के माध्यम से अनुमानित तारीख के अनुसार शिशु की गर्भकालीन आयु की गणना की जाती है और यह शिशु के विकास पर नजर रखने में भी उपयोगी होता है।

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7वें सप्ताह में अल्ट्रासाउंड स्कैन की प्रक्रिया

गर्भावस्था के 7वें सप्ताह में अल्ट्रासाउंड दो अलग-अलग तरीकों से किया जा सकता है। गर्भवती महिला के स्वास्थ्य की परिस्थिति के आधार पर ट्रान्सवजाईनल स्कैन या पेट का अल्ट्रासाउंड किया जाता है। ट्रान्सवजाईनल स्कैन में योनि के माध्यम से जांच की जाती है और इसमें आपको ढेर सारा पानी पीकर अपने मूत्राशय को भरने की आवश्यकता नहीं है। हालांकि, अगर यह पेट का अल्ट्रासाउंड है, तो भ्रूण को स्पष्ट रूप से देखने के लिए मूत्राशय का भरा होना आवश्यक है।

7वें सप्ताह के अल्ट्रासाउंड स्कैन में कितना समय लगता है

गर्भावस्था के 7वें सप्ताह के अल्ट्रासाउंड में कुछ मिनटों से अधिक समय नहीं लगता है। इस अल्ट्रासाउंड के माध्यम से गर्भ में पल रहे शिशु के दिल की धड़कन, गर्भकालीन आयु और उसके विकास की जांच की जाती है।

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स्कैन में क्या दिख सकता है

ज्यादातर गर्भवती महिलाओं को पता नहीं होता कि उन्हें अपनी गर्भावस्था के 7वें सप्ताह में अल्ट्रासाउंड स्कैन के माध्यम से क्या देखने की अपेक्षा करनी चाहिए, संभवतः इस दौरान अल्ट्रासाउंड में आप निम्नलिखित बदलावों को देख सकती हैं;

  • इस अल्ट्रासाउंड में आप भ्रूण के उभरते हुए हाथ, पैर और उसके चेहरे पर बनते नाक के छिद्रों की पहचान कर सकती हैं या समझ सकती हैं।
  • गर्भावस्था के 7वें सप्ताह में शिशु का आकार एक ब्लूबेरी के समान होता है और उसे देखने के लिए चित्र को बड़ा करके देखने की आवश्यकता पड़ सकती है।
  • गर्भावस्था की इस अवधि में अल्ट्रासाउंड के माध्यम से आप भ्रूण के हृदय की धड़कन सुन सकती हैं।
  • शिशु के विकसित होते आंतरिक अंग भी दिखाई दे सकते हैं।

स्कैन में क्या दिख सकता है

क्या अल्ट्रासाउंड में जुड़वां शिशु देखे जा सकते हैं

गर्भावस्था के 7वें सप्ताह में जुड़वां शिशुओं को भी देखा जा सकता है। वे आमतौर पर एक से अधिक भ्रूण या जेस्टेशनल सैक्स के रूप में दिखाई दे सकते हैं। हालांकि 7वां सप्ताह गर्भावस्था का शुरूआती समय होता है और इस अवधि में अल्ट्रासाउंड के दौरान एक से अधिक शिशु की उपस्थिति निर्धारित कर पाना कठिन हो सकता है।

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क्या 7वें सप्ताह में हृदय की धड़कन न सुनाई देने का अर्थ गर्भपात है

7वें सप्ताह के अल्ट्रासाउंड में भ्रूण के हृदय की धड़कन न सुनाई देना, गर्भपात का संकेत हो सकता है। लेकिन इस निष्कर्ष पर आने से पहले कुछ कारकों पर विचार करने की आवश्यकता है। इस स्थिति में यह भी हो सकता है कि शिशु की गर्भकालीन आयु का आकलन गलत किया गया हो। इसकी जांच के लिए डॉक्टर एक सप्ताह बाद फिर से अल्ट्रासाउंड के माध्यम से भ्रूण के हृदय की जांच कर सकते हैं।

स्कैन में कौन सी असामान्यताएं देखी जा सकती हैं

गर्भावस्था के 7वें सप्ताह में अल्ट्रासाउंड करवाने से अंडाशय में अल्सर या गांठ और भ्रूण की असामान्यताओं जैसी समस्याओं के बारे में पता लगाया जा सकता है।आपके डॉक्टर इस अल्ट्रासाउंड के माध्यम से भ्रूण के हृदय की धड़कन, सिर के पिछले हिस्से की लंबाई, जेस्टेशनल सैक का माप और अन्य महत्वपूर्ण मापदंडों की जांच कर सकते हैं।

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7वें सप्ताह का अल्ट्रासाउंड सटीक क्यों नहीं होता है

कोई भी स्कैन 100% सटीक नहीं होता है। कुछ मामलों में यह अल्ट्रासाउंड भी सटीक नहीं हो सकता है, जैसे;

  • गर्भ में भ्रूण की स्थिति उपयुक्त न होने पर। कभी-कभी भ्रूण सिकुड़ सकता है, इसमें खिंचाव आ सकता है या फिर यह ध्वनि तरंगों से अधिक दूर हो सकता है। ऐसी स्थितियों में अल्ट्रासाउंड का सटीक होना मुश्किल हो जाता है।
  • सोनोग्राफर की प्रवीणता या उसका अनुभव, गर्भ में पल रहे शिशु की असामान्यता की सटीकता का पता लगाने के लिए महत्वपूर्ण होती है।
  • अल्ट्रासाउंड उपकरण की गुणवत्ता और स्थिति भी स्कैन की सटीकता को प्रभावित करती है।

गर्भावस्था के 7वें सप्ताह में अल्ट्रासाउंड स्कैन गर्भ में पल रहे शिशु के विकास संबंधी किसी भी असामान्यता का जल्द पता लगाने के लिए महत्वपूर्ण है। इससे भ्रूण के हृदय की धड़कन की जानकारी लेने में मदद मिलती है और साथ ही शिशु की गर्भकालीन आयु का भी पता लगाया जा सकता है। इसलिए गर्भावस्था के 7वें सप्ताह में डॉक्टर से अल्ट्रासाउंड जांच अवश्य कराएं।

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