क्या गर्भावस्था में प्रोबायोटिक्स और प्रीबायोटिक्स लिया जा सकता है?

प्रेगनेंसी के दौरान प्रोबायोटिक्स और प्रीबायोटिक्स लेना
ADVERTISEMENTS

एक बैलेंस डाइट और हेल्दी लाइफस्टाइल को अपनाना आपके बढ़ते बच्चे की सेहत को बनाए रखने के लिए बहुत जरूरी है। इस समय आपको पता होना चाहिए कि आपके लिए क्या खाना फायदेमंद होगा। नॉलेज से जागरूकता बढ़ती है, जिससे आप अपना और अपने बच्चे का ठीक तरह से खयाल रख सकती हैं। 

होने वाली माँ को लेकर की जाने वाले सबसे ज्यादा रिसर्च में प्रोबायोटिक्स के सेवन से जुड़े टॉपिक को उठाया गया है। हमने प्रोबायोटिक्स और प्रीबायोटिक्स पर कुछ अहम जानकारियां दी हैं, जो गर्भावस्था के दौरान आपकी मदद करेंगे।

प्रोबायोटिक्स और प्रीबायोटिक्स क्या हैं

प्रोबायोटिक्स या अच्छे बैक्टीरिया माइक्रो-ऑर्गेनिज्म होते हैं जो हमारी आंतों में मौजूद होते हैं। ये ऑर्गेनिज्म हमारे खाने को ब्रेक डाउन करते हैं और पाचन की प्रक्रिया में मदद करते हैं, जबकि प्रीबायोटिक्स अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाने में मदद करते हैं। ये खाद्य पदार्थ हमारे शरीर से पचते नहीं हैं लेकिन ये हमारे कोलन  में बने रहते हैं, जिससे अच्छे बैक्टीरिया विकास करते रहते हैं।

ADVERTISEMENTS

क्या गर्भावस्था के दौरान प्रोबायोटिक्स और प्रीबायोटिक्स लेना सुरक्षित है?

तो, क्या आप गर्भवती होने पर प्रोबायोटिक्स ले सकती हैं? नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ द्वारा की गई रिसर्च के अनुसार, प्रोबायोटिक्स गर्भावस्था के दौरान कोई भी बर्थ कॉम्प्लिकेशन या इन्फेक्शन का कारण नहीं बनते हैं। दरअसल कई हेल्थ बेनिफिट हैं, जो प्रोबायोटिक्स का सेवन करने से आपको प्राप्त होते हैं।

डॉ विलियम सियर्स, जो बोस्टन में चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल के एक प्रसिद्ध बाल रोग विशेषज्ञ हैं वे अपने ब्लॉग में लिखते हैं, कि “गर्भावस्था के दौरान प्रोबायोटिक्स लेना सुरक्षित है। प्रोबायोटिक्स ज्यादातर देशों में बहुत लोकप्रिय हैं, विशेष रूप से यूरोप में और इससे प्राप्त होने वाले फायदे भी बहुत अहम हैं।”

ADVERTISEMENTS

गर्भावस्था के दौरान, हेल्दी मेटाबोलिज्म बनाएं रखने के लिए बैक्टीरिया अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे कई रिसर्च पेपर हैं जिसमें यह साबित हुआ है स्वस्थ पाचन तंत्र से होने वाली माँ की सेहत बनी रहती है। इसके अलावा, हाल में हुई स्टडी से पता चलता है कि प्रोबायोटिक्स के सेवन से शरीर में खराब बैक्टीरिया कम हो जाते हैं, जिससे इन्फेक्शन होने की संभावना कम हो जाती है।

गर्भावस्था के दौरान प्रोबायोटिक का इस्तेमाल करना कितना कॉमन है

जबकि गर्भवती महिलाओं को आम तौर पर अपच, सीने में जलन और कब्ज जैसे हेल्थ इशू का सामना करना पड़ता है, विशेष प्रोबायोटिक्स का सेवन करने से आपको इससे राहत मिलती है। स्पेसिफिक प्रोबायोटिक बैक्टीरिया, जैसे कि बिफिडोबैक्टीरियम लंगम लेने से पेट में दर्द कम होता है और मल त्याग में सुधार होता है। कई पोषण विशेषज्ञ और डॉक्टर हर दिन माओं को प्रोबायोटिक्स का सेवन करने की सलाह देते हैं। इन्हें लेने के कई लाभ हैं:

ADVERTISEMENTS

गर्भावस्था के दौरान प्रोबायोटिक्स या प्रीबायोटिक्स लेने के फायदे 

गर्भावस्था के दौरान, प्रोबायोटिक्स और प्रीबायोटिक्स का सेवन:

  • प्रभावी रूप से पाचन में मदद करता है।
  • अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाता है और शरीर में हानिकारक बैक्टीरिया को बनने से रोकता है।
  • शरीर द्वारा पूरी तरह से उपयोग किए जाने के लिए  भोजन को ब्रेकडाउन करता है।
  • इनफर्टिलिटी को दूर करता है ।
  • कोलन लाइनिंग की सूजन को कम करने में मदद करता है और इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज का इलाज करता है।
  • माँ और बच्चे की इम्युनिटी को मजबूत करता है।
  • एक हेल्दी यूरिनरी सिस्टम को बनाए रखता है।
  • कोलेस्ट्रॉल लेवल को बैलेंस करता है।
  • बैक्टीरियल वेजिनोसिस जैसे योनि इन्फेक्शन से बचाता है।

प्रीबायोटिक्स युक्त खाद्य पदार्थ

होने वाली माँ के लिए प्रोबायोटिक्स  प्राप्त करना के नेचुरल तरीके हैं, जिसे वो अपनी डेली मील में शामिल कर सकती हैं। प्रोबायोटिक्स में समृद्ध भोजन कुछ इस प्रकार हैं:

ADVERTISEMENTS
  • दहीदही
  • केफिरकेफिर
  • डार्क चॉकलेटडार्क चॉकलेट
  • अचारअचार
  • कोम्बुचा चाय
  • दूध दूध
  • प्याजप्याज
  • जौजौ
  • लहसुन
  • सोया बीनसोया बीन
  • ओट्स

प्रोबायोटिक्स युक्त खाद्य पदार्थ

नीचे बताए गए इन खाद्य पदार्थों से आप नेचुरल तरीके से प्रोबायोटिक प्राप्त कर सकती हैं:

  • लस्सीलस्सी
  • ढोकलाढोकला
  • डोसाडोसा
  • मीसोमीसो
  • किमचीकिमची
  • चेडरचेडर
  • छाछछाछ

ये काफी कॉमन खाद्य पदार्थ हैं जिनका नियमित रूप से सेवन किया जाता है। इसलिए यदि आप गर्भवती हैं, तो आपको इन खानों में कोई कमी करने की आवश्यकता नहीं है।

ADVERTISEMENTS

हेल्दी प्रेगनेंसी के लिए आपकी डाइट को मेंटेन रखना बहुत जरूरी है।  थोड़ा समय निकाल कर अपनी डेली डाइट में प्रोबायोटिक्स और प्रीबायोटिक्स शामिल करने के लिए एक चार्ट बनाएं। गर्भावस्था के दौरान यह आपकी फूड क्रेविंग को शांत करने में मदद करता है, लेकिन प्रीबायोटिक से भरपूर भोजन का सेवन करना न भूलें ।

अगर प्रोबायोटिक्स सप्लीमेंट कैप्सूल लेने के बारे में विचार कर रही हैं, तो इसका सेवन करने से पहले बेहतर होगा कि अपने डॉक्टर से बात कर लें । अगर आपको किसी भी एलर्जी का अनुभव होता है तो तुरंत डॉक्टर को बुलाएं। प्रेगनेंसी के दौरान एक हेल्दी लाइफस्टाइल का पालन करना बहुत जरूरी इससे बच्चे का विकास निर्भर करता है, इसलिए अपनी हर छोटी बड़ी चीजों पर ध्यान दें ताकि आप और आपका बच्चा हेल्दी रहे।

ADVERTISEMENTS

यह भी पढ़ें:

प्रेगनेंसी के दौरान दही खाना: स्वास्थ्य लाभ और बचाव
प्रेगनेंसी में ओट्स खाना

ADVERTISEMENTS