गर्भावस्था के दौरान योनि स्राव

गर्भावस्था के दौरान योनि स्राव

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ल्यूकोरिया, योनि स्राव का वर्णन करने के लिए उपयोग किया जाने वाला चिकित्सीय शब्द है, विशेष रूप से जो गर्भावस्था के दौरान होता है। ल्यूकोरिया एक गाढ़ा सफेद या पीला योनि स्राव है जो गर्भवती महिलाओं को उनके मासिक धर्म के बदले होता है और आमतौर पर हानिरहित होता है। तो इस सफेद स्राव का कारण क्या हैं, क्या सामान्य है और क्या असामान्य है हम आपको इन सब के बारे में बताएंगे साथ ही और भी जानकारी देंगे !

योनि स्राव क्या है?

अपने जीवन में लगभग हर महिला को कभी न कभी योनि स्राव ज़रूर होता है। अधिकांश समय योनि स्राव सामान्य होता है और इसके लिए किसी चिकित्सकीय देखरेख की आवश्यकता नहीं होती है। इस स्राव का सबसे आम कारण मासिक धर्म चक्र के दौरान हार्मोनल स्तर में परिवर्तन है; ओव्यूलेशन (स्त्रीबीजजनन) होने पर इस स्राव के गाढ़ेपन में बदलाव आता है। जब महिला ओव्यूलेशन नहीं कर रही होती है, तो योनि स्राव गाढ़ा और चिपचिपा होता है। जब आप ओव्यूलेशन करने वाली होती हैं तो ओव्यूलेशन करते समय, वही स्राव पतला और खिंचने वाली झिल्ली में बदल जाता है जो शुक्राणु को अंडे की ओर जाने में मदद करता है। यह कुछ महिलाओं में कुछ दिनों तक या कुछ हफ़्तों तक बना रह सकता है! ज़्यादातर मामलों में, योनि स्राव के बारे में चिंता करने की कोई बात नहीं होती है और इसे तब तक सामान्य माना जाता है जब तक यह जलन, बेचैनी, दुर्गंध और खुजली का कारण नहीं बनता है।

महिलाओं में योनि स्राव के सभी संभावित कारण इस प्रकार हैं:

  • मासिक धर्म चक्र के दौरान हार्मोनल परिवर्तन
  • गर्भावस्था
  • योनि में संक्रमण, विशेष रूप से यीस्ट (खमीर) संक्रमण
  • साबुन, लोशन या टेल्कम से एलर्जी
  • एसटीडी या यौन संचारित रोग
  • ट्राइकोमोनिएसिस एक परजीवी संक्रमण जो असुरक्षित यौन संबंध के दौरान हो सकता है
  • श्रोणि संक्रमण
  • एंटीबायोटिक्स या स्टेरॉयड का उपयोग
  • अस्वच्छ परिस्थितियां जैसे लंबे समय के लिए टैम्पून को इस्तेमाल करे रहना या अपने अंडरवियर को अक्सर नहीं बदलना
  • गर्भनिरोधक गोलियों या खाने वाली गर्भ निरोधक गोलियों का उपयोग
  • मधुमेह या अन्य चयापचय संबंधी विकार
  • रजोनिवृत्ति
  • योनि पर आघात या चोट
  • योनि शोथ या योनि के आसपास जलन
  • ग्रीवा कैंसर

गर्भावस्था के दौरान सामान्य योनि के स्राव को ल्यूकोरिया कहा जाता है। यह आपके गर्भाशय ग्रीवा से आता है, जो आपके गर्भाशय के मुहाने को कहते हैं जिसे आम भाषा में गर्भ कहा जाता है।

क्या गर्भावस्था के दौरान सफेद स्राव होना सामान्य है?

गर्भवती महिला को अधिक योनि स्राव होना पूरी तरह से सामान्य है। लेकिन गंधहीन या हल्कासा गंध वाला गाढ़ा सफेद स्त्राव या दूधिया सफेद योनि स्राव ही सामान्य माना जाता है। हालांकि, अगर इसका रंग बदलता है, तो यह चिंता का कारण बन सकता है।

गर्भावस्था के दौरान आपको योनि स्राव हो सकता है, वह बहुत हद तक वैसा ही होगा जैसा कि आपके मासिक धर्म के बीच होता है, केवल यह थोड़ा ज्यादा मात्रा में होगा। यह गर्भावस्था का एक सुखद लक्षण तो नहीं होता है, लेकिन जैसेजैसे आपकी गर्भावस्था बढ़ती जाती है, यह स्राव बढ़ जाता है !

गर्भावस्था के दौरान स्राव

गर्भावस्था के दौरान स्राव

ज़्यादातर महिलाएं जो गर्भवती नहीं भी होती हैं, उन्हें भी अपने मासिक चक्र के बीच में कुछ स्राव होता है, लेकिन जब आप गर्भवती होती हैं, तो यह स्राव बढ़ सकता है। यह गर्भावस्था का एक महत्वपूर्ण लक्षण है जो गर्भावस्था के 13 वें सप्ताह के आसपास शुरू हो सकता है, जो कि लगभग आपकी दूसरी तिमाही की शुरुआत है। जैसेजैसे आपकी गर्भावस्था आगे बढ़ती है, वैसेवैसे स्राव भी बढ़ता जाता है। आपकी योनि आपके गर्भाशय ग्रीवा को नम और स्वस्थ रखने के लिए ज़्यादा समय तक काम कर रही है, और यह उसी का दुष्प्रभाव है !

तो, आप पूछ सकती हैं कि इस स्राव का उद्देश्य क्या है? यह जन्म नलिका को संक्रमण से बचाता है और योनि में अच्छे बैक्टीरिया और फ्लोरा का स्वास्थ्यकर संतुलन बनाए रखता है। कभीकभी, यह स्राव थोड़ा भूरे या गुलाबी रंग का भी हो सकता है। यह तब तक सामान्य है जब तक कि यह कभीकभार आपके योनि मार्ग से बहुत हल्के रक्तस्राव तक हो लेकिन भारी रक्तस्राव नहीं हो।

आइए, योनि स्राव के प्रकार पर चर्चा करते हैं जो आपको गर्भावस्था के विभिन्न चरणों में दिखाई दे सकते हैं:

1. पहली तिमाही

सामान्य या न्यूनतम योनि स्राव जिसकी आप आदी होती हैं। कुछ मामलों में, हो सकता है कि यह स्राव बिलकुल ही न हो।

2. दूसरी तिमाही

गर्भावस्था से जुड़ा योनि स्राव या ल्यूकोरिया आमतौर पर दूसरी तिमाही से शुरू हो जाता है, गर्भावस्था के 13 वें सप्ताह के आसपास। इस स्राव की मात्रा में सामान्य से ज़्यादा हो सकती है और यह संभवतः प्रति सप्ताह या प्रतिदिन और भी बढ़ती जाएगी।

3. तीसरी तिमाही

योनि स्राव बहुत ज़्यादा और असुविधाजनक हो सकता है और यह लगातार तीव्र गति से बढ़ता ही जाएगा जैसे जैसे आप प्रसव के करीब आती जाएंगी।

योनि स्राव के कारण

योनि स्राव से जुड़े कुछ सामान्य कारण इस प्रकार हैं:

1. हार्मोनल परिवर्तन

एक महिला का शरीर मासिक धर्म चक्र के दौरान बहुत सारे हार्मोनल परिवर्तनों से गुजरता है। मासिक धर्म चक्र के पहले अर्धांश में, एस्ट्रोजेन का स्तर बढ़ता जाता है और यह ओव्यूलेशन के समय सबसे अधिक होता है। क्योंकि यह हार्मोन रक्त की आपूर्ति में वृद्धि के लिए जिम्मेदार होता है, यह गर्भाशय ग्रीवा से रंगहीन और गंधहीन स्राव में वृद्धि का कारण है जो स्राव के अलावा और कुछ भी नहीं है। यह स्राव ज़्यादातर मामलों में हानिरहित होता है।

  • लक्षण: ओव्यूलेशन के बाद स्राव की मात्रा बढ़ जाती है, जिसकी मात्रा चक्र की प्रगति के साथ बदलती जाती है।
  • क्या यह सामान्य है?: यह बिल्कुल सामान्य है, जब तक कि स्राव रंगीन या बदबूदार न हो।
  • इससे कैसे निपटें: उस जगह को सूखा रखें, पैंटी लाइनर्स का उपयोग करें और अपने अंडरवियर को नियमित रूप से बदलें।

2. गर्भावस्था

गर्भावस्था अपने साथ योनि स्राव जैसा अप्रिय प्रभाव भी लाती है। एस्ट्रोजन के स्तर में वृद्धि होने के कारण श्लेष्मा का उत्पादन बढ़ जाता है जिसके परिणामस्वरूप ल्यूकोरिया होता है यह काफी हद तक आपके द्वारा मासिक धर्म के दौरान किये गए अनुभव के समान होता है, हालांकि इसका होना अलग अलग महिलाओं में भिन्न होता है। इसके अलावा, यह गर्भावस्था के दौरान की पूरी अवधि में भी मौजूद हो सकता है क्योंकि यह किसी भी होने वाले संक्रमण से जन्मनाल की रक्षा करता है और उस स्थान पर स्वस्थ बैक्टीरिया को बनाए रखता है।

  • लक्षण: पहली तिमाही में स्राव बहुत ज़्यादा नहीं होता है, लेकिन दूसरी तिमाही से गर्भावस्था पूरी होने तक स्राव बढ़ता जाता है।
  • क्या यह सामान्य है?: गर्भवती होने पर योनि स्राव की मात्रा में वृद्धि होना सामान्य है।
  • इससे कैसे निपटें: स्वच्छता बनाए रखें और योनि क्षेत्र को सूखा रखें। सर्वश्रेष्ठ समाधान के लिए अपने डॉक्टर से बात करें, अपने आप दवा न लें।

3. यीस्ट (खमीर ) संक्रमण

खमीर संक्रमण

एक खमीर संक्रमण परेशान करने वाला हो सकता है, लेकिन इसे आसानी से पहचाना जा सकता है। आमतौर पर योनि क्षेत्र में होने वाला यह कवक संक्रमण योनि में खमीर कोशिकाओं की वृद्धि को दर्शाता है जो पीएच संतुलन को बिगाड़ देता है और असुविधा का कारण बनता है।

  • लक्षण: योनि स्राव सफेद या पीले रंग का होता है, और पनीर जैसा दिखता है। इसमें एक बहुत बुरी गंध भी हो सकती है, और इसके कारण उस क्षेत्र में बेहद खुजली भी होती है।
  • क्या यह सामान्य है?: यह आम है, लेकिन सामान्य नहीं है।
  • इससे कैसे निपटें: अपनी योनि पर हवा लगने दें और इसे सूखा रखने की कोशिश करें। चीनी का सेवन कम करें और आपके चिकित्सक इसके लिए आपको कुछ खाने या लगाने की दवा दे सकते हैं।

4. एलर्जी की प्रतिक्रिया

आप जितना सोचती है यह उससे कहीं अधिक आम हैं! यह किसी कपड़े या साबुन से हुई एलर्जी का कारण हो सकता है।

  • लक्षण: योनि में जलन के साथ खुजली हो सकती है।वो क्षेत्र सूजकर लाल हो सकता है, दुर्गंध युक्त गाढ़ा स्राव हो सकता है।
  • क्या यह सामान्य है?: सामान्य नहीं है, लेकिन कारण की पहचान करना ज़रूरी है
  • इससे कैसे निपटें: कारण की पहचान करें और इसके साथ योनि क्षेत्र का इससे बचाव करें। उपयुक्त दवा के लिए अपने डॉक्टर से बात करें।

5. यौन संचारित रोग

कई सारे यौन संचारित रोग होते हैं, और इनमें से कुछ में योनि स्राव की मात्रा बढ़ जाती है।

  • लक्षण: गाढ़े, पीले योनि स्राव के साथ बहुत ज़्यादा खुजली होना, और संभवतः चकत्तों तथा फोड़े भी।
  • क्या यह सामान्य है?: सामान्य नहीं है, और इससे पहले कि यह बढ़ जाए इसके लिए तत्काल चिकित्सा की आवश्यकता होती है।
  • इससे कैसे निपटा जाए: इसके लिए आपको केवल अपने डॉक्टर पर भरोसा करना होगा, जो जांच के लिए कुछ परीक्षण भी कर सकते हैं और उपचार का तरीका तय कर सकते हैं ।

6. दवा के दुष्प्रभाव

गर्भ निरोधक गोलियां जैसी बहुत सी दवाइयाँ योनि के संतुलन के साथ गड़बड़ कर सकती हैं। इसके अलावा, गर्भनिरोध के लिए उपयोग किए जाने वाले मलहम और जेली के लगाए जाने से श्लेष्म की परत में जलन पैदा हो सकती है जिसके कारण स्राव हो सकता है।

  • लक्षण: दुर्गंधयुक्त गाढ़ा स्राव होता है।
  • क्या यह सामान्य है?: जब तक स्राव में बहुत ज़्यादा बदबू नहीं होती, तब तक चिंता का कोई बात नहीं है और यह बिल्कुल सामान्य है अगर यह कुछ दवाओं के दुष्प्रभाव के कारण है।
  • इससे कैसे निपटा जाए: क्षेत्र को सूखा और स्वच्छ रखें। अतिरिक्त स्राव को सोखने के लिए पैंटी लाइनर्स का उपयोग जरूर करें।

7. ट्रिकोमोनेसिस

यह ट्रिकोमोनास वेजिनेलिस नामक एक परजीवी के कारण होता है और इससे एच.आई.वी / एड्स होने का खतरा बढ़ सकता है।

  • लक्षण: एक पतले, बदबूदार स्राव के साथ योनि में खुजली । पेशाब करने और सेक्स करने में दर्द या जलन हो सकती है।
  • क्या यह सामान्य है?: यह सामान्य नहीं है, इसके लिए तुरंत इलाज किया जाना चाहिए।
  • इससे कैसे निपटा जाए: इसके लिए तुरंत अपने चिकित्सक से परामर्श करें, और जो परीक्षण करवा सकती हैं उसे करवा कर इस समस्या का निदान कर सकती हैं।

असामान्य योनि स्राव के प्रकार और उनके लक्षणों

प्रारंभिक गर्भावस्था के दौरानभूरे रंग का स्राव आमतौर पर चिंता का कारण नहीं होता है जब तक कि यह योनि से होने वाले हल्के स्राव तक ही सीमित रहता है, लेकिन गर्भावस्था के दौरान एक पीले रंग का स्राव जो गाढ़ा और लिज़लिज़ा होता है और जिसमें बहुत ही दुर्गंध हो, योनि संक्रमण का संकेत हो सकता है। खुजली या सफेद स्राव से यह भी संकेत हो सकता कि कुछ गलत है। ऐसा होने पर, आपको उपचार की आवश्यकता हो सकती है और इसे अपने चिकित्सक की जानकारी में लाना चाहिए।

गर्भवावस्था के दौरान क्या सामान्य स्राव है और क्या असामान्य है यह जानने के लिए यहाँ एक तालिका द्वारा बताया गया है।

योनि स्राव के प्रकार

सामान्य / असामान्य

संकेत

साफ़

सामान्य

स्वस्थ

दूधिया सफेद

सामान्य

स्वस्थ

गंधहीन

सामान्य

स्वस्थ

भूरा / लाल या गुलाबी रंग का

सामान्य

स्वस्थ, अगर यह केवल स्पॉटिंग तक ही सीमित है

पीला

असामान्य

संभव है योनि संक्रमण या यौन संचारित रोग जैसे गानरीअ

हरे रंग का

असामान्य

संभावित है योनि संक्रमण, विशेष रूप से ट्राइकोमोनिएसिस

गाढ़ा और लजीला

असामान्य

संभव योनि संक्रमण, ज्यादातर एक खमीर संक्रमण

ख़राब महक

असामान्य

संभव है योनि संक्रमण, ज़्यादातर बैक्टीरियल वेजिनोसिस

झागदार

असामान्य

संभव है योनि संक्रमण

खुजली

असामान्य

संभव है योनि संक्रमण

जलन की अनुभूति

असामान्य

संभव है योनि संक्रमण

तेज़ी से वृद्धि होना, बेहद तरल होना

असामान्य

संभव है ऐम्नीऑटिक द्रव का रिसाव

गर्भावस्था के दौरान बढ़े हुए योनि स्राव और एमनियोटिक द्रव के रिसाव के बीच अंतर करना एक और महत्वपूर्ण बात है। यदि आपके अभी तक गर्भावस्था के 37 सप्ताह पूरे नहीं हुए हैं और स्राव में तेज़ी से वृद्धि होती है या यह बहुत पानीदार हो जाता है, तो यह समय से पहले प्रसव का संकेत हो सकता है और जिसे आपको तुरंत अपने डॉक्टर की जानकारी में लाना चाहिए।

गर्भावस्था के दौरान ल्यूकोरिया का उपचार कैसे होता है?

गर्भावस्था के दौरान असामान्य योनि स्राव को जल्द से जल्द पहचाना और इलाज किया जाना चाहिए क्योंकि कुछ योनि संक्रमण गर्भपात या समय से पहले प्रसव के उच्च जोखिम से जुड़े हैं।

थ्रश या खमीर संक्रमण गर्भावस्था के दौरान जोखिम को नहीं बढ़ाता है, लेकिन यह बेहद परेशान कर सकता है।

एक असामान्य योनि स्राव के लिए जो उपचार आप लेती हैं, वह असामान्य स्राव के कारण पर निर्भर करेगा। उदाहरण के लिए, थ्रश या खमीर संक्रमण का आमतौर पर एंटीफंगल दवाओं, क्रीम या जेल के साथ इनका इलाज किया जाता है। बैक्टीरियल वेजिनोसिस का इलाज एंटीबायोटिक गोलियों या क्रीम के साथ किया जाता है। मेट्रोनिडाज़ोल या टिनिडाज़ोल नामक दवा आमतौर पर ट्राइकोमेनेसिस के उपचार के लिए दिया जाता है। हालांकि, यह बहुत ज़रूरी है कि आप असामान्य स्त्राव होने पर उसे नज़रअंदाज़ ना करे या योनि संक्रमण की शंका होने पर स्वदवा ना लें क्योंकि यह आपके भ्रूण के लिए ख़तरनाक साबित हो सकता है।

हालांकि गर्भावस्था के दौरान योनि स्राव से संबंधित कुछ मामले भी देखने को मिले हैं; जो यह संकेत करते हैं कि सब कुछ सामान्य नहीं हैं, परंतु कुछ ऐसे कदम हैं, जिन्हें उठाकर इस समस्या से कुछ हद तक निपटा जा सकता है और इस समस्या से ग्रसित महिलाओं को कुछ हद तक आराम मिल सकता है।

गर्भावस्था के दौरान योनि स्राव से कैसे निपटा जाए और किस प्रकार से बदबूदार स्राव से छुटकारा पाया जाए, इससे संबंधित मार्गदर्शन यहां उपलब्ध है ।

गर्भावस्था के दौरान ल्यूकोरिया का उपचार कैसे होता है?

  • अपने बाहरी जननांग क्षेत्र या योनि मुख को हमेशा साफ़ और सूखा रखें।
  • अगर गीलापन आपको परेशान करता है तो स्राव को अवशोषित करने के लिए हल्के पैड या पैंटी लाइनर पहनें। सुनिश्चित करें कि हल्के पैड या पैंटी लाइनर सुगंधरहित हों।
  • सूती अंडरवियर पहनें, जिससे आपकी त्वचा साँस ले सके।
  • अपने अंडरवियर दिन में कम से कम 2-3 बार अवश्य बदलें।
  • अपने जननांग क्षेत्र को धोते समय सुगंधरहित साबुन और पानी का उपयोग करें।
  • अपनी योनि को छूने से पहले और बाद में अपने हाथों को अच्छी तरह से अवश्य धोएं ।
  • सेक्स करने से पहले यह अवश्य सुनिश्चित करें कि आपकी योनी अच्छी तरह से चिकनी हो।
  • खासतौर पर सेक्स के बाद अपनी योनि को आगे से पीछे की ओर पोंछ कर साफ़ करें ।

गर्भावस्था के दौरान योनि स्राव से संबंधित किसी भी प्रकार के संक्रमण से बचने के लिए जो चीजें आपको नहीं करनी चाहिए:

  • स्राव को अवशोषित करने के लिए गर्भावस्था के दौरान टैम्पोन न पहनें। ये गर्भवती महिलाओं के लिए अनुशंसित नहीं हैं।
  • लंबे समय तक एक गंदा अंडरवियर न पहने रखें क्योंकि निरंतर गीलापन आपकी योनि को संक्रमण के लिए एक उत्पत्ति स्थान बना देगा।
  • योनि स्राव से छुटकारा पाने के लिए गर्भावस्था के दौरान नलधावन (अंदर से योनि को धोना) से बचें गर्भावस्था के दौरान नलधावन अच्छे बैक्टीरिया के संतुलन को बिगाड़ सकता है और योनि संक्रमण का कारण बन सकता है। या तेज़ हवा के को योनि में डालना भी गर्भावस्था के दौरान खतररनाक हो सकता है।
  • योनि साफ करने के लिए किसी प्रकार के वजाइनल वाइप्स या वॉश का उपयोग न करें। जबकि उनमें अच्छी गंध होती हैं, वे आपके अंतरंग क्षेत्र के पीएच को गड़बड़ कर सकते हैं और योनि संक्रमण की संभावना बढ़ा सकते हैं।
  • गर्भावस्था के दौरान इत्र या यहां तक कि योनि डीओडरेन्ट का उपयोग न करें।

योनि स्राव का निदान कैसे करें।

लक्षणों के आधार पर, आपका डॉक्टर आपको स्राव के बारे में कई सवाल पूछ सकते हैं, जिनमें से सबसे आम हैं:

  • असामान्य स्राव कब शुरू हुआ?
  • स्राव का रंग क्या है?
  • स्राव की गंध कैसी है?
  • क्या स्राव के साथ कोई खुजली होती है?
  • क्या स्राव के साथ जलन होती है?
  • आपका हालिया यौन इतिहास

आपके उत्तरों के आधार पर, आपके डॉक्टर स्राव का एक नमूना ले सकते हैं या एक पैप स्मीयर टेस्ट करवा सकते हैं, जिसमें आगे की जांच के लिए आपके गर्भाशय ग्रीवा से कोशिकाओं को लिया जाता है।

असामान्य योनि स्राव का सबसे आम कारण,, योनि संक्रमण है। थ्रश, बैक्टीरियल वेजिनोसिस या ट्राइकोमोनिएसिस असामान्य योनि स्राव के कारण हो सकते हैं।

योनि स्राव के लिए घरेलू उपचार

ल्यूकोरिया के इलाज के लिएडॉक्टर द्वारा निर्देशित की गई और बग़ैर निर्देशित की जाने वाली दवाएं मौज़ूद हैं, लेकिन इससे निपटने के लिए कुछ सरल घरेलू उपचार किया जा सकता है। हालांकि, गर्भवती होने पर अतिरिक्त सावधानी बरतने का ध्यान रखें। किसी भी घरेलू उपचार को आज़माने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श अवश्य करें।

1. सेब का सिरका

कई लोगों द्वारा चमत्कारिक उत्पाद माना जाने वाला सेब का सिरका योनि स्राव के उपचार में उपयोगी माना जाता है। यह शरीर के प्राकृतिक पीएच संतुलन को अपने अम्लीय गुणों के कारण बहाल करता है। इसके एंटीसेप्टिक गुण योनि के सूक्ष्म जीवों को बहाल करने में मदद करते हैं और यह योनि की गंध को भी नियंत्रित करते हैं।इसका उपयोग कैसे करें: आसुत जल और कच्चे, अनफ़िल्टर्ड सेब के सिरके को समान मात्रा में मिलाएं। इसका इस्तेमाल कुछ दिनों तक के लिए दिन में एक से दो बार योनि धोने के लिए किया जा सकता है।

एक या दो बड़े चम्मच कच्चे, अनफ़िल्टर्ड सेब के सिरके मिलाकर रोज़ाना एक गिलास पानी पीना, शरीर के साथसाथ जननांग क्षेत्र के लिए भी बहुत स्वास्थ्यकर माना जाता है।

2. मेथी के बीज

एक और खाद्यपदार्थ जो शरीर और योनि के प्राकृतिक पीएच को नियंत्रित बनाए रखता है, वो है मेथी। यह शरीर में एस्ट्रोजन के स्तर पर भी प्रभाव डालता है और प्रतिरक्षा को बढ़ाता है। इसका उपयोग कैसे करें: एक चम्मच मेथी के बीजों को रात भर पानी में भिगो दें, और अगली सुबह पानी को छान लें। इसमें आधा चम्मच शहद मिलाएं और इसे खाली पेट पिएं।

आप दो चम्मच मेथी के बीजों को चार कप पानी में 30 मिनट तक उबाल भी सकती हैं। पानी को छान लें और इसे ठंडा होने दें। इस पानी को कुछ दिनों तक योनि धोने के लिए दिन में दो से तीन बार इस्तेमाल किया जा सकता है।

3. केले

केले न केवल पाचन में सहायता करते हैं बल्कि योनि स्राव को नियंत्रित करने में भी मदद करते हैं। यहां उनका उपयोग करने का तरीका बताया गया है:

रोजाना एक या दो से ज़्यादा पके हुए केले खाने से ल्यूकोरिया को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।

आप दो चम्मच केले के फूल के रस में दो चम्मच पामिराह कैंडी का चूर्ण भी मिला सकती हैं। दिन में एक बार इसका सेवन करें।

4. क्रैनबेरी

क्रैनबेरी मूत्र पथ के संक्रमण से पीड़ित लोगों के लिए अच्छी होती हैं क्योंकि क्रैनबेरी एंटीसेप्टिक और एंटीबायोटिक गुणों के लिए जानी जाती हैं। यहां उनका उपयोग करने का तरीका बताया गया है:

रोजाना दो या तीन बार एक गिलास चीनीरहित क्रैनबेरी का रस पीने से योनि स्राव से बचने में मदद मिल सकती है।

क्रैनबेरी की गोलियां भी उपलब्ध हैं, जो बैक्टीरिया को योनि की भित्ति पर पलने से रोकने में मदद करती हैं और ल्यूकोरिया की समस्या से बचाती हैं। लेकिन इन गोलियों के सेवन से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।

5. भारतीय गूज़बेरी (आंवला)

विटामिन सी से भरपूर, आंवला एक और फल है जो योनि के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। यहां उनका उपयोग करने का तरीका बताया गया है:

एक गाढ़ा पेस्ट बनाने के लिए एक चम्मच आंवले के पाउडर को शहद के साथ मिलाएं। लगभग एक सप्ताह तक रोजाना इसका सेवन करें।

एक चम्मच सूखे आंवले की जड़ के पाउडर के साथ एक कप पानी मिलाएं और इसे आधा होने तक उबालें। थोड़ी सी चीनी मिलाएं और रोज सुबह खाली पेट इसका सेवन करें।

6. अंजीर

अंजीर का शरीर पर ज़बरदस्त प्रभाव होता है और अतिरिक्त योनि स्राव को कम करने में भी मदद करता है। यहां उनका उपयोग करने का तरीका बताया गया है:

सूखे अंजीर को रात भर एक कप पानी में भिगो दें। अगली सुबह भीगी हुई अंजीर को पीस लें और मिश्रण को पी लें।

अंजीर के पेड़ और बरगद के पेड़ की छाल को बराबर मात्रा में लेकर महीन पीस लें। इस पाउडर के एक चम्मच को दो कप पानी में मिलाएं और इसे कुछ दिनों के लिए योनि धोने के लिए उपयोग करें।

यदि गर्भावस्था के दौरान आपको लगता है कि आपको असामान्य योनि स्राव हो रहा है तो आत्म निदान करने से बचें और हमेशा डॉक्टर से परामर्स करें। हमेशा सुनिश्चित करना बेहतर होता है और आगे किसी भी परेशनी के होने से बचना चाहिए। सुनिश्चित करें कि आप पूर्ण स्वच्छता रखती हैं और अपने योनि क्षेत्र को सूखा रखती हैं। याद रखें यह 9 महीने की यात्रा है और जीवन भर के लिए है! आप एक प्रसन्न और स्वस्थ गर्भावस्था के लिए उपरोक्त सभी आवश्यक जानकारी का उपयोग कर सकती हैं।