5 सप्ताह का बच्चा – विकास, पड़ाव और देखभाल

५ सप्ताह का बच्चा

यह वह समय है जब आप अपने शिशु की उम्र हफ्तों में बताने के बजाय महीने में बता सकती हैं । एक महीना का हो जाने के बाद आप बच्चे में तेजी से विकास होते हुए देखेंगी। अब वह अपने शरीर के अंगों के कार्य को समझने का प्रयास करेगा और उसका अन्वेषण करेगा।

5 सप्ताह के शिशु का विकास

यह बच्चे के लिए महत्वपूर्ण समय है, इस समय बच्चे का मानसिक विकास होना शुरू हो जाता है। जैसे कि आप महसूस करेंगी, बच्चा आपसे अब ज्यादा बातें करने की कोशिश करेगा, इसलिए आपको चाहिए कि बच्चे के साथ थोड़ी देर खेलने के लिए एक समय निर्धारित कर लें । आप या तो बच्चे के साथ घर में ही खेल सकती हैं या फिर उन्हें किसी पार्क में बाहर घुमाने ले जा सकती हैं, इससे वह अपने आसपास के माहौल और लोगों को बेहतर तरीके से समझ सकेगा। परन्तु ध्यान रहें, उसे इतना भी ना घुमाएं कि वह बहुत ज्यादा उत्तेजित हो जाए और इससे उसकी नींद पर असर पड़े।

5 सप्ताह के शिशु की विकासात्मक उपलब्धियां

जब शिशु १ महीने का हो जाता है, उसका वजन काफी तेजी से बढ़ने लगता है और इस प्रकार उसकी गतिविधियां भी बढ़ने लगती हैं जिसके चलते वह अधिक दूध की मांग करने लगता है। इसके कारण आमतौर पर हर सप्ताह में बच्चे का वजन लगभग १६०-२०० ग्राम बढ़ता है।

ऊपरी शरीर की ताकत में वृद्धि होने की वजह से अब बच्चा ठीक से दूध पीने में सक्षम होगा और पहले के मुकाबले अब ज्यादा अच्छे से वह अपने सिर को टिका सकेगा। हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि बच्चा देर तक सिर सीधे रख सकता है, वह केवल ऐसा कुछ देर ही कर सकेगा। आप बच्चे की इस गतिविधि के लिए उसे प्रोत्साहित करें।

इस उम्र तक, आपका बच्चा अपने चेहरे के भाव पर थोड़ा नियंत्रण पाना शुरू कर देता है और उनका उपयोग करके अपनी भावनाओं को व्यक्त करने का प्रयास करता है। अब वो आपकी तरफ देखकर मुस्कुराएगा और यह पल एक माँ के लिए सबसे खूबसूरत पल होता जब वह देखती है कि उसका बच्चा उसे पहचानने लगा है और देखते हुए मुस्कुराता है।

५ सप्ताह के शिशु की विकासात्मक उपलब्धियां 

स्तनपान

एक महीने के बाद आप दोनों ही स्तनपान की प्रक्रिया से काफी हद तक परिचित हो जाएंगे और अब आप दोनों को पता होगा कि स्तनपान करने और कराने का सही तरीका क्या है। भले ही यह प्रक्रिया प्राकृतिक होती है, लेकिन ५ सप्ताह के बच्चे को यह क्रिया को समझने में कुछ समय लग सकता है।

यदि आप बच्चे को बाहर ले गई हैं या किसी पार्क में घुमाने ले गई हैं और वह दूध की मांग करता है तो बच्चे की जरूरत को सर्वप्रथम रखते हुए बिना झिझके उसे स्तनपान कराएं। इससे आप कई गतिविधियां एक साथ कर सकती हैं और आपको आराम करने के लिए ज्यादा समय मिल सकता है।

बोतल से दूध पीने वाले बच्चों के लिए, आप फॉर्मूला को तैयार कर के उसे फ्रिज में रख सकती हैं ताकि जब उसे भूख लगे तो जल्दी से उसे दूध दे सकें। लेकिन फॉर्मूला दूध के डिब्बे पर दिए गए निर्देशों के अनुसार ही आपको इसे बच्चे को देना चाहिए। इसके अलावा, कम से कम दूध की दो बोतलें होनी चाहिए, ताकि एक का उपयोग करते समय दूसरी बोतल को पानी में उबाल कर उसे जीवनुराहित किया जा सके।

नींद

५ सप्ताह के बच्चे के सोने की समय-सारणी से तरह-तरह के पैटर्न बन सकते हैं, ऐसा हो सकता है कि आपका शिशु दूध पीने के बाद न सोए और ऐसा वह किसी भी समय कर सकता है चाहे वह दिन का समय हो या रात का समय। बच्चे का नींद का पैटर्न बदलता रहता है इसका सबसे बड़ा कारण है उनमें होने वाला निरंतर विकास जो अक्सर बच्चे की नींद को प्रभावित करता है।

बच्चे की अच्छी नींद के लिए उसे मौसम और तापमान के अनुसार चादर ओढ़ाकर सुलाया जाना चाहिए। गर्मियों में एक हल्का कपड़ा ही पर्याप्त होता है। लेकिन सर्दियों में भी, बच्चे को बहुत ज्यादा कपड़े पहनाकर नहीं सुलाना चाहिए, क्योंकि इससे आपके बच्चे का शरीर बहुत ज्यादा गर्म हो सकता है। आप बच्चे की गर्दन को स्पर्श कर के उसके तापमान का अनुमान लगाएं और उसके अनुसार कपड़े पहनाएं ।

ऐसा जरूरी नहीं कि आपका बच्चा जो चीजें शुरू से करता चला आ रहा है वह आगे भी जारी रखे। आपके बच्चे की सही समय पर सोने की आदत इस समय बदल सकती है। बच्चों में होने वाले लगातार विकास के कारण उनके सोने का चक्र बदलता रहता है ।

५ सप्ताह के शिशु की नींद

व्यवहार

इस उम्र में बच्चा आपको धीरे-धीरे पहचानने लगता है, आपकी ओर देखकर मुस्कुराता है आपसे बातें करने की कोशिश करता है, जो आपके लिए सबसे सुकून भरे पलों में एक होता है । ये आमतौर पर तब होता है, जब आपका बच्चा जागते ही अपने पास आपको पाता है और खुश हो जाता है या जब उसका पेट भरा होता है तब भी मुस्कुराता है । 

तरह-तरह की आवाजें निकालकर बच्चा बातें करने की कोशिश करेगा। इसके अलावा, पहले की तरह ही आपकी देखरेख में उसका पेट के बल लेटना भी जारी रहना चाहिए। चमकीले रंगों से परिचित कराने पर बच्चा अजीब प्रतिक्रियाऐं दे सकता है, क्योंकि भले ही रंगों को पहचान पाता हो या नहीं, उसे यह अवश्य समझ आता है कि यह कुछ तो अलग है। यदि आपके बच्चे के भाई/बहन है, तो आप धीरे-धीरे उसे बच्चे से परिचित कराना शुरू करें और अपनी निगरानी में उसे बच्चे के साथ खेलने दें।

रोना

आमतौर पर इस उम्र तक बच्चे अच्छी तरह से और गहरी साँस लेना सीख जाते हैं और उन्हें मालूम होता है कि वो अपने रोने की तीव्रता को नियंत्रित कर सकते हैं। विशेष रूप से ५ हफ्ते के बच्चे के लिए उसकी नींद बहुत जरूरी होती है और बच्चे की नींद में कोई भी बाधा उसके लंबे समय तक रोने का कारण बन सकती है।

ध्यान रहें कि बच्चे का हर बार रोना अलग हो सकता है, वह अलग चीज की मांग करने के लिए अलग-अलग तरह से रोएगा और अधिकांश माएं बच्चे के रोने से समझ जाती हैं कि उन्हें क्या चाहिए। जब बच्चा रोए तो कोशिश करें कि पहले उन्हें शांत कराएं।

5 सप्ताह के बच्चे की देखभाल के टिप्स

  • अपने बच्चे को नियमित रूप से स्नान कराएं। गर्मियों के समय में गर्मी से राहत पाने के लिए आप शिशु को एक से अधिक बार नहला सकती हैं।
  • हालांकि, अभी बच्चे कोई दिनचर्या निश्चित नहीं होती है, फिर भी उन्हें एक निश्चित समय पर दूध पीने के बाद सुलाना शुरू करें।
  • यदि आपके शिशु को रात को सोने में परेशानी होती है, तो सभी ध्यान भटकाने वाली चीजों को बच्चे से दूर कर दें और रौशनी बंद कर के कमरे में शांति कर दें।
  • खेल के दौरान या डकार दिलाते समय बच्चे को ज्यादा हिलाएं नहीं क्योंकि इससे उनकी गर्दन को क्षति पहुँच सकती है। उन्हें हमेशा धीरे से हिलाएं या उसके साथ ऐसे खेल खेलें जिसमें बहुत ज्यादा कठोर शारीरिक गतिविधियां शामिल ना हो।

५ सप्ताह के बच्चे की देखभाल के टिप्स

जाँच और टीकाकरण

यदि पिछले सभी टीकाकरण, हेपेटाइटिस बी व टीके सही समय पर बच्चे को लगाए जा चुकें हैं, तो अभी कोई टीका लगाने कि आवश्कयता नहीं है। लेकिन फिर भी इस संबंध में अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर कर लें।

खेल और गतिविधियां

जैसे-जैसे आपके बच्चे की जिज्ञासा बढ़ती है, उसकी इंद्रियां भी बेहतर रूप से कार्य करने लगती हैं। हो सकता है कि आपका बच्चा सुगंध को अच्छी तरह पहचान सके या चमकीले रंगों को देखकर उन्हें पहचान सके। यदि आपके घर के पास कोई बगीचा है, तो अपने बच्चे को थोड़ी देर के लिए वहाँ ले जाएं  और उसे फूलों के बीच रहने दें। ताजी हवा, हल्की खुशबू और रंग-बिरंगे फूलों को देखकर बच्चे की जिज्ञासा को और बढ़ा सकती है। यदि आपका खुद का बगीचा है, तो एक फूल को तोड़कर बच्चे को थमा दें और उसे फूल को छूने दें लेकिन उन्हें कांटे वाले फूल न दें ।

इस उम्र में बच्चा अपने शरीर को महसूस करने लगता है । इसलिए आप उन्हें आईने में दिखाएं वह खुद को आईने में देखकर हैरान हो सकते हैं या शायद खुद को पहचान भी न पाएं कि ये वही हैं। हालांकि, वह आईने में आपको देखकर जरूर पहचान सकते हैं। आईने के माध्यम से आप उनके साथ बातचीत करें, या तरह-तरह के चेहरे बनाएं और उन्हें हंसाएं। एक-दूसरे की हरकतों को आईने में देखकर दोहराने की कोशिश करें, इससे शिशु को पता चलेगा कि वह क्या कर रहा है। इसलिए अगर वह एक पैर हिलाता है, तो आप भी अपने पैर को हिलाएं। बच्चे के साथ ऐसी गतिविधि करना काफी मजेदार होती है ।

चिकित्सक से परामर्श कब करें

अगर आपके ५ सप्ताह के शिशु की कब्ज की समस्या अभी भी जारी है, तो ऐसे में डॉक्टर से परामर्श करना जरूरी है।

चिकित्सक से परामर्श कब करें 

इस उम्र में कुछ शिशुओं को क्रैडल कैप की समस्या होती है। यह एक प्रकार की त्वचा संबंधी बीमारी है, जिसके परिणामस्वरूप सिर पर पीले चकत्ते पड़ने लगते हैं और त्वचा रूखी होने लगती है। ऐसे में आपको अपने चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए।

यदि आपका शिशु किसी भी चीज में रुचि लेना बंद कर देता है या चीजों पर अपनी प्रतिक्रिया नहीं देता है, बहुत ज्यादा सोता है और हमेशा सुस्त रहता है, तो वह किसी बीमारी से पीड़ित हो सकता है और उसे डॉक्टर के परीक्षण की आवश्यकता पड़ सकती है।

अब आप अपने ५ सप्ताह के बच्चे को घर के अन्य सदस्यों जैसा ही महसूस करेंगी । अपने पति या घर के दूसरे लोगों को भी बच्चे को संभालने दें ताकि आपको थोड़ा आराम करने का समय मिल सके।

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