शिशु

बच्चे कब हँसना या मुस्कुराना शुरू करते हैं

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आपको यह जानकर हैरानी होगी कि बच्चे हमारे आपके हिसाब से नहीं स्माइल करते हैं। हाँ, लेकिन आपने छोटे बच्चों को अक्सर स्माइल देते हुए देखा होगा जिसे रिफ्लेक्स स्माइल भी कहते हैं। आपका बच्चा गर्भ से मुस्कुराना शुरू कर देता है और यह एक टेस्ट ड्राइव की तरह होता है, जो गर्भ से बाहर आने की तैयारी की तरह होता है। आप अपने बच्चे के चेहरे पर पहले दिन ही मुस्कान देख सकते हैं, लेकिन इन रिफ्लेक्स स्माइल के पीछे अर्थ कुछ और ही होता है। वे इसलिए मुस्कुरा सकते थे, क्योंकि नैपी बदलने के बाद अब वो गीले नहीं हैं, और कुछ इस तरह की बात।

आपके बच्चे की पहली मुस्कान उसके विकास के बारे में क्या बताती है?

पहली बार जब आपका बच्चा सच में मुस्कुराता है और कोई रिफ्लेक्स स्माइल नहीं देता है, तो यह उसकी दृष्टि विकसित होने का संकेत है। नवजात शिशु आमतौर अपने बहुत करीबी चीजों के अलावा ज्यादा चीजों को नहीं देख पाते हैं, तो अब अभी सिर्फ उन्होंने ने करीब से अपनी माँ का ही चेहरे देखा होता है। इस पल को एन्जॉय करें, क्योंकि यह पैरेंट होने का सबसे बड़ा रिवॉर्ड होता है। बच्चे के जब कोगनिटिव फंक्शन में सुधार होने लगता है और जब वो चीजों को पहचानने लगता है जो वह इसे एन्जॉय करता है, चाहे वो कोई इंसान हो या कोई ऑब्जेक्ट हो।

बच्चा कब मुस्कुराना शुरू करता है?

रिफ्लेक्स स्माइल देना बच्चा गर्भ के अंदर से ही शुरू कर देता है या जब आप अपने बच्चे से पहले दिन मिलती हैं। बच्चे की पहली मुस्कान, लगभग डेढ़ महीने के बाद देखने को मिल सकती है। चिंता न करें अगर वे मुस्कुराने में समय ले रहे हैं और खुद को यह सोच कर परेशान न करें कि आपका बच्चा कब मुस्कुराना शुरू करेगा। इस प्रोसेस में चार महीने तक भी लग सकते हैं। यदि आप रिफ्लेक्स स्माइल के बारे में सोच रही हैं, तो चिंता न करें, क्योंकि ये कुछ समय तक ही रहती है। पलक झपकाते ही रिफ्लेक्स स्माइल गायब हो जाती है और यह इससे ज्यादा देर तक नहीं बनी रहती है। आपके बच्चे को कोई अंदाजा नहीं नहीं होता होता है कि वो ऐसा कुछ कर रहे हैं यहाँ तक की शायद आप को भी ना पता चलें। हो सकता है जब आप सोते समय उनकी नैपी चेंज करें, तो रिफ्लेक्स स्माइल को नोटिस करें।

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क्या होगा अगर आपका बच्चा मुस्कुराता नहीं है?

जैसा कि पिछले सेक्शन में बताया गया है कि बच्चे की रिफ्लेक्स स्माइल बहुत जल्दी से आकर गायब हो जाती है, तो हो सकता है आप उसे नोटिस न करें। हाँ, यह बहुत कॉमन है और इसमें चिंता करने वाली कोई बात नहीं है। यहाँ तक ​​कि अगर वे बहुत कम या बिल्कुल भी नहीं मुस्कुरा रहे हैं, तो याद रखें कि वो अभी बहुत छोटा है, बड़ो की तरह उसके भी अपना स्वभाव है। हो सकता है आपका बच्चा ऐसा ही जिसे बहुत ज्यादा मुस्कुराना पसंद न हो। यह स्वभाव बड़े होने के साथ-साथ बदल सकता है लेकिन अभी वह ऐसा ही है, कम मुस्कुराने वाला।

जो बच्चे बिलकुल स्माइल नहीं करते हैं उनके माता-पिता को चिंता हो सकती है, क्योंकि जो बच्चे मुस्कुराते नहीं हैं, उनमें ऑटिज्म का निदान किया जा सकता है। ऐसा सभी मामलों में नहीं होता है, क्योंकि ऑटिस्टिक बच्चे भी मुस्कुराते हैं। इसके अलावा, ऑटिज्म का निदान दो साल से पहले नहीं किया जाता है। अपने बच्चे को अपनी स्पीड से विकास करने दें।

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बच्चे के ओवरऑल कम्युनिकेशन पर ध्यान दें। बच्चे की स्माइल आपकी बातों का जवाब भी हो सकती हैं। वे उसी तरीके से आपको रिस्पांस देते हैं, क्योंकि बच्चे की आई साइट अभी भी डेवलप हो रही होती है। इसलिए ध्यान दें कि आपको उनसे बात करते रहना है। जब तक बच्चे स्माइल देने के लिए रेडी न हो जाएं उनसे बात करें।

अपने बच्चे को मुस्कुराने के लिए कैसे प्रोत्साहित करें

  • चूंकि आपके बच्चे की आई साइट डेवलप हो रही होती हैं, इसलिए उनके करीब रहें। बच्चे के करीब आकर उनसे बातें करें ताकि बच्चा आपको देखकर मुस्कुरा सके, बच्चे से लगातार बात करने से वह ज्यादा मुस्कुराते हैं।
  • जैसे की आपको बताया गया है कि बच्चे से बातचीत करना बहुत जरूरी है। यह बच्चे को सुनने और सीखने में मदद करता है कि क्या चल रहा है और क्या अच्छा है या बुरा है। इसलिए, अपने बच्चे से बात करें और उसे अपने बेहेवियर से उन्हें परिचित कराएं। आप बच्चे को देख कर मुस्कुराएं, ताकि वह भी आपको देख कर मुस्कुराएं।
  • अपने बच्चे को खिलौनों और गेम्स से व्यस्त रखें क्योंकि इनके साथ खेलते समय वो ज्यादा मुस्कुराते हैं। पीकाबू जैसे खेल के दौरान बच्चों को बहुत मजा आता है। इसके अलावा एक्साइटमेंट की वजह से वो थक जाते है जो उन्हें जल्दी नींद लेने में भी मदद करता है। उसे नए खिलौनों से दें जिनमें आवाज होती हो, बच्चों को ऐसे खिलौने देख कर बहुत एक्साइटमेंट होती है और वह इसे देख कर बहुत खुश होते हैं।
  • उसे गुदगुदी करके या उसके पेट पर फूँक मारकर हँसाने की कोशिश करें। जब आप ऐसा करेंगी तो खिलखिला कर हँसाना शुरू कर देगा!

बच्चे कब हँसना शुरू करते हैं?

आप अब सोच रही होंगी कि बच्चे किस उम्र तक हँसना शुरू करते हैं। आपके बच्चे की पहली हंसी चार से छह सप्ताह की उम्र के बीच देखी जा सकती है। वह किसी चीज को देख कर जो उन्हें पसंद है, ऐसा रिएक्शन दे सकते हैं, जैसे वो गेम जो आप उनके साथ मिलकर खेलती हैं। बच्चा अपने समय से ही इन सभी चीजों को डेवलप करता है तो आपको बहुत ज्यादा चिंता करने के जरूरत नहीं है, अगर वो अपनी पहली हंसी देर से देते हैं, तब भी आपके लिए यही बात लागू होती है।

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आपकी बच्चे की इस दुनिया में एक नई जर्नी की शुरुआत है। जल्द ही, आप अपने जीवन में अपने बच्चे का नया रूप देखेंगी, जहाँ वो अपनी जरूरतों को पूरा करवाने के लिए नए नए तरीकों से आप तक अपनी बात पहुँचाने का प्रयास करेंगे। अपने बच्चे के विकास का यह पड़ाव एन्जॉय करें।

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बच्चों को हँसाने के 15 मजेदार तरीके

समर नक़वी

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