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ब्रेस्ट मिल्क (माँ का दूध) के बारे में पूरी जानकारी

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ब्रेस्ट मिल्क में 200 से अधिक फायदेमंद तत्व मौजूद होते हैं और आए दिन इस लिस्ट में और भी ज्यादा फायदे जुड़ते जा रहे हैं। ब्रेस्ट मिल्क इस मायने में यूनिक होता है कि वो आपके शरीर को बच्चे की जरूरत के अनुसार मिल्क बनाने के लिए एडजस्ट करता है। इस प्रकार, यदि आपका बेबी गर्भावस्था का समय पूरा करके पैदा हुआ है, तो उस समय आपका मिल्क प्रोडक्शन समय से पहले पैदा होने वाले यानी प्रीमैच्योर बच्चे कि तुलना में अलग होगा। यही कारण है कि ब्रेस्ट मिल्क यानी माँ का दूध या स्तनदूध का कोई दूसरा विकल्प नहीं होता है। इसलिए यह सुझाव दिया जाता है कि सभी बच्चों को, विशेष रूप से छह महीने तक के बच्चों को ब्रेस्टफीडिंग जरूर कराया जाना चाहिए और उसके बाद भी आप किसी न किसी रूप में कम से कम एक साल बच्चे की डाइट में ब्रेस्ट मिल्क को शामिल रखें। 

क्यों ब्रेस्ट मिल्क आपके बेबी के लिए भोजन का सबसे अच्छा स्रोत है?

माँ के रूप में, आपका शरीर अपने बच्चे के लिए विशेष रूप से ब्रेस्ट मिल्क बनाता है। चूंकि ब्रेस्ट मिल्क में एक सही मात्रा में न्यूट्रिएंट और दूसरे जरूरी तत्व मौजूद होते हैं, जो बच्चे की हर स्टेज के लिए पर्याप्त होते हैं, इसलिए इसे बच्चों के भोजन का सबसे अच्छा स्रोत माना जाता है। ब्रेस्ट मिल्क बच्चों में इन्फेक्शन होने से भी बचाव करता है और जीवन में आगे चलकर कुछ निश्चित प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं के खतरे को कम करने के लिए जाना जाता है, जैसे कि डायबिटीज, मोटापा और अस्थमा। डब्ल्यूएचओ द्वारा 16 देशों में की गई स्टडी के अनुसार, ब्रेस्टफीडिंग कराने से बच्चे के मोटे होने की संभावना 25% तक कम हो सकती है। ब्रेस्ट मिल्क में ऐसे तत्व होते हैं जो आपके बच्चे के शरीर को वृद्धि व विकास करने, परिपक्व होने और सर्वाइव करने के लिए आवश्यक होते हैं।

कोलोस्ट्रम मिल्क क्या है?

बच्चे के जन्म के बाद पहले कुछ दिनों में स्तनों में बनने वाले दूध को कोलोस्ट्रम के रूप में जाना जाता है। लगभग पांच से सात दिनों तक रहने वाला, कोलोस्ट्रम गाढ़ा और चिपचिपा होता है, जो आमतौर पर हल्के पीले रंग का होता है। कोलोस्ट्रम में पाया जाने वाला हाई एंटीबॉडी इंग्रीडिएंट बच्चे की सेहत के लिए बहुत जरूरी होता है और उसके लिए पहली वैक्सीन के रूप में कार्य करता है। हालांकि यह बहुत गाढ़ा होता है, लेकिन आसानी से पच जाता है और कम मात्रा में ही बनता है जो आपके नवजात शिशु की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त होता है।

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कोलोस्ट्रम की अन्य विशेषताएं हैं:

  • इसमें हाई कंटेंट प्रोटीन, मिनरल, नमक, विटामिन ए, एंटीबॉडी और बहुत कम फैट और शुगर मौजूद होता है।
  • यह मेकोनियम (बच्चे का पहला मल) को आसानी से पास होने के लिए एक लैक्सेटिव के रूप में कार्य करता है।
  • यह आंतों से बिलीरुबिन का निकास प्रोत्साहित करके नवजात शिशु को पीलिया होने से बचाता है।

पहले आपका बच्चा कोलोस्ट्रम फीड करना शुरू करता है, यह आप दोनों के लिए बेहतर है। बच्चे को न्यूट्रिएंट्स मिलना शुरू हो जाता और इस प्रकार आपका मिल्क प्रोडक्शन भी बढ़ने लगता है।

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ट्रांजिशनल मिल्क क्या है?

यह आपके ब्रेस्ट मिल्क प्रोडक्शन का दूसरा स्टेप माना जाता है और डिलीवरी के लगभग एक सप्ताह बाद देखा जा सकता है। आपको अपने ब्रेस्ट भरे हुए और बहुत कड़क महसूस हो सकते हैं, साथ ही थोड़ा दर्द और रेडनेस भी हो सकता है। ऐसा कुछ दिनों तक रह सकता है और बच्चे को बार-बार दूध पिलाने से आपको राहत मिलेगी। अगले दो हफ्तों में, आपके मिल्क प्रोडक्शन की मात्रा बढ़ने लगेगी साथ-साथ इसकी बनावट में भी बदलाव होने की संभावना है। इस स्टेप के दौरान ब्रेस्ट मिल्क में इम्यूनोग्लोबुलिन और प्रोटीन लेवल में कमी आती है और फैट और चीनी की मात्रा बढ़ जाती है।

मैच्योर मिल्क क्या है?

यह पतला और पानीदार लग सकता है, लेकिन मैच्योर मिल्क में वे सभी न्यूट्रिएंट्स होते हैं जो बच्चे की बेहतर हेल्थ के लिए आवश्यक होते हैं। इसका कम्पोजीशन और कंसिस्टेंसी, रोजाना और यहाँ तक कि हर महीने, हर फीड के साथ बदलती रहती है। पहले कुछ हफ्तों के बाद, ब्रेस्ट मिल्क में वाइट सेल्स की संख्या कम हो जाएगी, जबकि बैक्टीरियल एंजाइम, लाइसोजाइम का लेवल बढ़ जाएगा। बच्चे के बड़े होने के साथ-साथ आपका मिल्क प्रोडक्शन भी बढ़ जाएगा, जब तक कि वह पूरी तरह सॉलिड फूड पर निर्भर न हो जाए।

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ब्रेस्ट मिल्क में कौन से न्यूट्रिएंट्स पाए जाते हैं?

ब्रेस्ट मिल्क में पाए जाने वाले कुछ न्यूट्रिएंट्स, जैसे इन्फेक्शन से लड़ने वाले वाइट सेल्स मानव शरीर के बाहर बन नहीं सकते हैं। यह अनुमान लगाया गया है कि 100 मिलीलीटर ब्रेस्ट मिल्क में लगभग 65 कैलोरी होती है। यहाँ  ब्रेस्ट मिल्क में पाए जाने वाले इंग्रीडिएंट बताए गए हैं:

1. प्रोटीन

व्हे और कैसीन ब्रेस्ट मिल्क में पाए जाने वाले दो प्रकार के प्रोटीन हैं जो बच्चे को इन्फेक्शन से सुरक्षा प्रदान करते हैं। इन दोनों का बैलेंस बनाने के लिए 60% व्हे और 40% कैसीन का होना जरूरी है, बच्चा ब्रेस्ट मिल्क के जरिए इसे आसानी से डाइजेस्ट कर लेता है। ब्रेस्ट मिल्क में पाए जाने वाले विशेष प्रोटीन में से, लैक्टोफेरिन बच्चे में यीस्ट और कोलीफॉर्म जैसे हानिकारक जीवों के विकास को रोकने में मदद करता है, जबकि रिसने वाला आईजीए ई.कोली और एलर्जी से सुरक्षा प्रदान करता है और लाइसोजाइम में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। टॉरिन नामक एक महत्वपूर्ण एमिनो एसिड ब्रेस्ट मिल्क में बड़ी मात्रा में पाया जाता है। यह बच्चे के मस्तिष्क और आंखों के सही विकास के लिए आवश्यक है।

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2. फैट या लिपिड

ब्रेस्ट मिल्क में पाया जाना वाला फैट बच्चे के ब्रेन डेवलपमेंट और फैट-सॉल्युबल को अब्सॉर्ब करने के लिए आवश्यक होता है। यह मस्तिष्क और नर्वस सिस्टम के विकास को बढ़ावा देने के अलावा कैलोरी का एक बेहतरीन स्रोत भी होता है। यह ब्रेस्ट मिल्क में केवल 4% ही मौजूद होता है, यह फैट बच्चे के कैलोरी इन्टेक का लगभग 50% प्रदान करता है। लिनोलेइक और लिनोलेनिक जैसे फैटी एसिड माइलिन नामक पदार्थ के प्रोडक्शन में मदद करते हैं जो नर्व को कोट करता है और नर्वस सिस्टम के माध्यम से मेसेज को ट्रांसमिट करने में मदद करता है।

3. विटामिन

ब्रेस्ट मिल्क में मौजूद विटामिन माँ के द्वारा सेवन किये जाने वाले विटामिन पर निर्भर करता है। तो, आप इस बात का ध्यान रखें कि अपने आहार में विटामिन ए, डी, ई, के, सी, नियासिन, राइबोफ्लेविन और पैंटोथेनिक एसिड से भरपूर चीजों को शामिल करें। विटामिन की मदद से बच्चे की हड्डियां मजबूत होती है, साथ ही साथ ये त्वचा और आंखों के लिए फायदेमंद साबित होते हैं। वे स्कर्वी और रिकेट्स जैसी बीमारियों को रोकने में भी मददगार हैं। आपको चेक करना चाहिए कि आप इनमें से किसी भी विटामिन के सेवन में की कमी तो नहीं कर रही हैं, हो सकता है कि आपके शरीर में विटामिन की कमी देखकर डॉक्टर आपको सुझाव दें कि आप ब्रेस्टफीडिंग कराते समय भी प्रीनेटल विटामिन लेना जारी रखें। इससे यह  सुनिश्चित होगा कि बच्चे को सभी जरूरी न्यूट्रिएंट्स मिलेंगे और साथ ही डिलीवरी के दौरान जिन भी पोषक तत्वों का नुकसान हुआ था उसकी भरपाई की जा सकेगी।

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4. कार्बोहाइड्रेट

लैक्टोज ब्रेस्ट मिल्क में मौजूद सभी कैलोरी का लगभग 40% हिस्सा होता है और ह्यूमन मिल्क में ये प्राइमरी कार्बोहाइड्रेट होता है। यह अनहेल्दी बैक्टीरिया के पेट से छुटकारा पाने और कैल्शियम, फास्फोरस और मैग्नीशियम को अब्सॉर्ब करने में मदद करता है।

5. हार्मोन

ब्रेस्ट मिल्क में मौजूद हार्मोन में प्रोलैक्टिन, रिलैक्सिन, एंडोर्फिन, कोर्टिसोल, लेप्टिन, एस्ट्रोजन, प्रोजेस्टेरोन, साथ ही साथ थायराइड हार्मोन और वृद्धि फैक्टर शामिल हैं। ये मेटाबोलिज्म, स्ट्रेस लेवल, दर्द और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने के लिए आवश्यक होते हैं।

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6. एंजाइम

ऐसा अनुमान है कि ब्रेस्ट मिल्क में लगभग 40 प्रकार के एंजाइम होते हैं। इनमें से कुछ डाइजेशन में मदद करने के लिए फैट को ब्रेक डाउन करने का काम करते हैं, जबकि अन्य जर्म और बीमारियों के खिलाफ इम्यूनिटी को बढ़ाने में मदद करते हैं। लाइपेज ब्रेस्ट मिल्क में मौजूद एक एंजाइम है जो फैट को ब्रेकडाउन करने में मदद करता है ताकि बच्चे इसे आसानी से पचा सकें।

7. मिनरल

इसमें पाए जाने वाले मिनरल मजबूत हड्डियों के विकास में मदद करते हैं, साथ ही रेड ब्लड सेल्स के बेहतर कार्य में मदद करते हैं, जिससे नर्व और मांसपेशियों का फंक्शन बेहतर होता है । आयरन, जिंक, कैल्शियम, सोडियम, मैग्नीशियम, सेलेनियम और क्लोराइड ब्रेस्ट मिल्क में पाए जाने वाले कुछ मिनरल हैं।

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माँ के दूध में पाए जाने वाले प्रमुख न्यूट्रिएंट्स का कम्पोजीशन

ब्रेस्ट मिल्क कम्पोजीशन कुछ फैक्टर के आधार पर अलग-अलग होता है, जैसे कि बच्चे की उम्र, माँ की सेहत और माँ का आहार। ब्रेस्ट मिल्क में पानी लगभग 90% होता है और यह बच्चे को हाइड्रेटेड रखने, शरीर के टेंपरेचर को कंट्रोल करने, जोड़ों को लुब्रिकेट करने और अंगों की सुरक्षा के लिए आवश्यक है।

इसके अलावा, माँ के दूध का कम्पोजीशन पूरे दिन में हर बार फीड कराने पर अलग होता है। उदाहरण के लिए, फीड कराने के लिए फोरमिल्क या पहला एक्सप्रेस मिल्क बच्चे की प्यास बुझाने में मदद करता है। दूध जो बाद में आता है, जिसे हाइंडमिल्क के रूप में जाना जाता है, यह क्रीमी होता है और इसमें आपके बच्चे के लिए गुड फैट होता है। यहाँ ब्रेस्ट मिल्क में पाए जाने वाले न्यूट्रिएंट्स कम्पोजीशन के बारे में बताया गया है:

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न्यूट्रिएंट ब्रेस्ट मिल्क में औसत (प्रति 100 मिली)
प्रोटीन 1.3 ग्राम
फैट 4.2 ग्राम
कार्बोहाइड्रेट 7 ग्राम
सोडियम 15 मिलीग्राम
कैल्शियम 35 मिलीग्राम
फास्फोरस 15 मिलीग्राम
आयरन 76 माइक्रोग्राम
विटामिन ए 60 माइक्रोग्राम
विटामिन सी 3.8 मिलीग्राम
विटामिन डी 0.01 माइक्रोग्राम
मैग्नीशियम 3.5 मिलीग्राम

ब्रेस्ट मिल्क में पाए जाने वाले अन्य जरूरी तत्व

कुछ अन्य पदार्थ भी हैं जो ब्रेस्ट मिल्क का हिस्सा हैं और ये जरूरी भी होते हैं जो आपके बच्चे को लगातार फायदा पहुँचाते हैं। वो हैं:

  • ह्यूमन मिल्क ओलिगोसैकेराइड (एचएमओ) – यह एक प्रकार का डाइटरी फाइबर होता है, जो पाचन और नियमित रूप से मल त्याग करने में मदद करने के लिए आपके बच्चे के पेट में हेल्दी बैक्टीरिया के विकास को बढ़ावा देता है।
  • ह्यूमन मिल्क माइक्रोबायोटा – ब्रेस्ट मिल्क में विभिन्न प्रकार के बैक्टीरिया होते हैं। इनमें से कुछ सभी मांओं के दूध में पाए जाते हैं, जबकि अन्य आपके आहार, इम्युनिटी, वातावरण और लाइफस्टाइल  के आधार पर आपके लिए निश्चित होंगे। जब ये बच्चे को ट्रांसफर होते हैं, तो यह उसे अपने इंटेस्टाइनल माइक्रोबायोटा को विकसित करने में मदद करते हैं, जो इन्फेक्शन से लड़ने में उपयोगी होगा।
  • एंटीबॉडीज – इसे इम्युनोग्लोबुलिन के रूप में भी जाना जाता है, यह बच्चे के इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने में मदद करता है। कोलोस्ट्रम, जिसे पहले ब्रेस्ट मिल्क के रूप में भी जाना जाता है, खासकर एंटीबॉडी से भरा होता है।

ब्रेस्ट मिल्क में कुछ ग्रोथ फैक्टर भी पाए जाते हैं, जो कि आंत, नर्वस सिस्टम, खून और मेटाबॉलिज्म को कंट्रोल करने वाले हार्मोन के लिए फायदेमंद है। ब्रेस्ट मिल्क में अन्य कई तत्व भी होते हैं जिनकी पहचान अभी तक नहीं की गई है।

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आपको गर्भावस्था और ब्रेस्टफीडिंग के दौरान हेल्दी न्यूट्रिशियस डाइट लेनी चाहिए जो हेल्थ के साथ-साथ आपके बच्चे के लिए भी फायदेमंद होगी। इस बात का खयाल रखें कि आपकी डाइट बैलेंस होनी चाहिए जिसमें होल ग्रेन्स, फलियां, फल, सब्जियां, चिकन जैसे लीन प्रोटीन, कम फैट वाले इंग्रीडिएंट, डेयरी प्रोडक्ट और बहुत सारा पानी शामिल होना चाहिए।

यदि बच्चे को लैच करने में प्रॉब्लम हो रही है, तो आप एक लैक्टेशन कंसलटेंट की मदद ले सकती हैं। ज्यादातर महिलाएं जिन्हें ब्रेस्टफीडिंग की टेक्निक को समझने में परेशानी हो रही है, उन्हें एक्सपर्ट की मदद लेनी चाहिए। यदि आप अपने बच्चे के स्वास्थ्य को लेकर अभी भी चिंतित हैं या आपको कोई सवाल हैं तो अपने डॉक्टर से बात करें।

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डिस्क्लेमर: यह जानकारी आपके लिए सिर्फ एक गाइड है, और किसी योग्य डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है। बेहतर सुझाव के लिए आप किसी योग्य पेशेवर डॉक्टर की मदद लें।

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समर नक़वी

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