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इलेक्ट्रिक ब्रेस्ट पंप – फायदे, नुकसान और इस्तेमाल के टिप्स

ब्रेस्टफीडिंग मातृत्व के सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक है। आप या तो सामान्य रूप से बच्चे को ब्रेस्टफीड करा सकती हैं या फिर मैन्युअल ब्रेस्ट पंप या इलेक्ट्रिक ब्रेस्ट पंप का इस्तेमाल कर सकती हैं या फिर इन तीनों ही तकनीक के इस्तेमाल से बेबी को फीड करवा सकती हैं। इस लेख में, हम इलेक्ट्रिक ब्रेस्ट पंप के बारे में जानेंगे और इसके फायदे, नुकसान और इसके सुरक्षित इस्तेमाल के तरीकों के बारे में समझेंगे। इसके अलावा, हम इस लेख में अक्सर पूछे जाने वाले कुछ सवालों के जवाब भी देंगे। 

इलेक्ट्रिक ब्रेस्ट पंप का इस्तेमाल कब करना चाहिए?

इलेक्ट्रिक ब्रेस्ट पंप का इस्तेमाल किसे करना चाहिए, आइए यह समझने की कोशिश करते हैं। 

1. जिन माँओं की डिलीवरी समय से पूर्व हो सकती है

जिन महिलाओं की गर्भावस्था में कॉम्प्लीकेशन्स होते हैं या उनमें समय से पहले डिलीवरी होने का खतरा ज्यादा होता है, उनके लिए इलेक्ट्रिक पंप का इस्तेमाल अच्छा होता है, क्योंकि एक प्रीटर्म शिशु का वजन काफी कम होता है और वह स्तनपान करने के लिए बहुत कमजोर होता है। 

2. वर्किंग माँएं

अधिकतर माँएं डिलीवरी के बाद कुछ महीनों की मैटरनिटी लीव लेती हैं, वहीं कुछ माँएं ऐसी भी होती हैं, जो कि डिलीवरी के तुरंत बाद काम पर जाना शुरू कर देती हैं। ऐसी मांओं को अपने बच्चे के पूरे दिन की फीडिंग के लिए ब्रेस्ट मिल्क को एक्सप्रेस करने की जरूरत होती है।

3. जुड़वा बच्चों की माँएं

जुड़वा बच्चों की माँ के लिए ब्रेस्टफीडिंग बहुत ही थकाने वाला काम हो सकता है। इसलिए जिन माँओं के जुड़वा बच्चे हैं, वे इलेक्ट्रिक ब्रेस्ट पंप के इस्तेमाल से कम समय में अधिक दूध एक्सप्रेस कर सकती हैं। 

4. जिन माँओं के शरीर में अत्यधिक दूध बनता है

कुछ माँओं के शरीर में जरूरत से ज्यादा दूध बनता है। ऐसी माँएं अपने दूध को एक्सप्रेस कर सकती हैं और बच्चे को बाद में पिला सकती हैं। 

5. जिन माँओं के पास दूध एक्सप्रेस करने के लिए कम समय होता है

घर पर रहने वाली माँ या फ्लेक्सिबल वर्क शेड्यूल वाली माँ के लिए अपने बच्चों को दूध पिलाना आसान होता है। लेकिन जिन माँओं का वर्क शेड्यूल काफी व्यस्त होता है, उनके पास अपने दूध को एक्सप्रेस करने के लिए बहुत कम समय होता है और इसके कारण से वे इलेक्ट्रिक ब्रेस्ट पंप पर बहुत अधिक निर्भर करती हैं।

इलेक्ट्रिक ब्रेस्ट पंप के इस्तेमाल के फायदे

इलेक्ट्रिक ब्रेस्ट पंप के इस्तेमाल के कई फायदे होते हैं, जिसके कारण आजकल अधिक से अधिक माँएं इनका इस्तेमाल कर रही हैं। इनमें से कुछ फायदे नीचे दिए गए हैं: 

  • जिन माँओं के पास समय की कमी होती है, उनके लिए इलेक्ट्रिक ब्रेस्ट पंप एक वरदान की तरह है। मैन्युअल ब्रेस्ट पंप की तुलना में इलेक्ट्रिक ब्रेस्ट पंप में दूध निकालने के लिए बहुत कम समय की जरूरत होती है।
  • चूंकि यह डबल ब्रेस्ट पंप के साथ आता है, इसलिए इसके इस्तेमाल से एक ही समय पर दोनों ब्रेस्ट को पंप किया जा सकता है और समय की बचत हो सकती है।
  • जिन माँओं को नियमित रूप से या दैनिक रूप से दूध पंप करने की जरूरत होती है, वे इससे यह काफी आसानी से कर सकती है।
  • इलेक्ट्रिक ब्रेस्ट पंप कई तरह के मॉडल में आते हैं, जैसे डबल पंप और हॉस्पिटल ग्रेड पंप।
  • इलेक्ट्रिक ब्रेस्ट पंप को साफ करना और सैनिटाईज करना आसान होता है। ये माइक्रोवेव फ्रेंडली स्टीम बैग और वाइप्स के साथ भी आते हैं।

इलेक्ट्रिक ब्रेस्ट पंप के इस्तेमाल के दौरान ध्यान रखने वाली बातें

1. डबल पंप

डबल पंप युक्त मॉडल एक ही समय पर दोनों ब्रेस्ट से दूध निकाल सकते हैं। इससे आपके समय की बचत होती है। इसके अलावा चूंकि इससे अधिक दूध निकाला जा सकता है, इसलिए इससे दूध का उत्पादन भी बढ़ता है। 

2. इलेक्ट्रिक पंप जिनकी इस्तेमाल, सफाई और असेंबलिंग आसान होती है

एक ऐसे पंप का चुनाव करना चाहिए, जिन्हें इस्तेमाल के बाद आसानी से साफ किया जा सके और सैनिटाइज किया जा सके। इसके अलावा जो इलेक्ट्रिक ब्रेस्ट पंप बेहतर वैक्यूम पंप के साथ आते हैं, उनसे ब्रेस्ट पर पकड़ बनाना आसान हो जाता है, जिससे दूध आसानी से बाहर निकल सकता है। साथ ही जिस मॉडल को असेंबल करना आसान हो और कम समय लगता हो, वह हमेशा ही बेहतर होता है। 

3. पंप की स्पीड

आपको ऐसा इलेक्ट्रिक ब्रेस्ट पंप लेना चाहिए, जो कि कम समय में अधिक दूध पंप कर सके। अच्छी क्वालिटी वाले पंप में स्पीड को बदलने के लिए बटन दिए होते हैं। 

4. बाहर पंप करना

अगर आप एक ऐसी माँ हैं, जिसे अक्सर बाहर जाना होता है या काम पर जाना होता है, तो आपको एक ऐसा पंप लेना चाहिए, जो कि पोर्टेबल हो और आसानी से कहीं भी कैरी किया जा सके। ऐसे कई पंप होते हैं, जो कि आइस बैग के साथ आते हैं, जिसमें एक्सप्रेस किए हुए दूध को स्टोर किया जा सकता है या फिर चार्जर के साथ आते हैं जिसे कार में प्लग प्वाइंट में अटैच किया जा सकता है।

इलेक्ट्रिक ब्रेस्ट पंप का इस्तेमाल सुरक्षित रूप से कैसे करें?

  • शुरुआत से पहले सबसे पहली और जरूरी चीज है आपकी आरामदायक और सही पोजीशन। किसी तरह की असुविधा या बेचैनी आपके दूध की सप्लाई को प्रभावित कर सकती है।
  • किसी तरह की गड़बड़ी से बचने के लिए पंप पर लिखे गए निर्देशों को ध्यान से पढ़ें।
  • आपको इस्तेमाल किए गए पंप के उपयोग से बचना चाहिए, क्योंकि ऐसे पंप में पिछले इस्तेमाल से एचआईवी और साइटोमेगालोवायरस जैसे वायरस और बैक्टीरिया हो सकते हैं, जो कि आपको और आपके बच्चे को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
  • हमेशा दूसरे पंप को सील करके रखें, चाहे वह इस्तेमाल में हो या न हो, क्योंकि ऐसा न करने से उसका प्रभाव कम हो सकता है।
  • सही फ्लेंज वाले पंप को खरीदना बहुत जरूरी है। बहुत छोटे शील्ड या फ्लेंज से आपके निप्पल में दर्द और तकलीफ हो सकती है और अपर्याप्त के पंपिंग के कारण आपके ब्रेस्ट भरे हुए लग सकते हैं।
  • पंप में किसी तरह की खराबी की जांच करें, कोई खराबी दिखने पर तुरंत उसे बदल दें।
  • अगर ब्लिस्टर्स के कारण आपके निप्पल में दर्द हो रहा है, तो ब्रेस्ट पंप सक्शन को नीचे ले आएं। आपको दूध निकालते समय किसी तरह का दर्द नहीं होना चाहिए।
  • हर बार दूध निकालने से पहले और बाद में अपने हाथों को अच्छी तरह से साफ करें।
  • ब्रेस्ट पंपिंग के शुरुआती दिनों में दूध की मात्रा कम हो सकती है। लेकिन नियमित रूप से पंप करने से ब्रेस्ट स्टिमुलेट होते हैं और कुछ दिनों के बाद उनमें अधिक दूध का उत्पादन शुरू हो जाता है।

  • पंपिंग शुरू करने से पहले जरूरत की सभी चीजों को अपने आसपास रखें, जैसे वाइप्स, दूध स्टोर करने के लिए बोतल, फोन आदि।
  • अपनी सुविधा के अनुसार पंप के पेस को प्रीसेट करें।
  • जब आपके दूध का बहाव कम हो जाए और आपके ब्रेस्ट खाली लगने लगें, तब पंप को ऑफ कर दें।
  • जब आप एक्सप्रेस्ड मिल्क को बोतल में डाल चुकी हों, तब उस पर तारीख लिखें और फ्रिज में रख दें
  • इस्तेमाल के बाद पंप के हर एक हिस्से को धोना और सैनिटाइज करना बहुत जरूरी है। ऐसा न करने से आपके बच्चे को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें आ सकती हैं। धोने और सैनिटाइज करने के बाद पेपर टॉवल की मदद से उसे अच्छी तरह से सुखाएं, ताकि उसमें किसी तरह की नमी न रहे।

इलेक्ट्रिकल ब्रेस्ट पंप के इस्तेमाल के क्या साइड इफेक्ट होते हैं?

इलेक्ट्रिकल ब्रेस्ट पंप के इस्तेमाल के कुछ साइड इफेक्ट नीचे दिए गए हैं: 

  • एक्सप्रेस्ड मिल्क को बोतल में डाल कर बच्चे को देने से वह आपके निप्पल के संपर्क में नहीं आता है और कभी वह अगर इसके संपर्क में आए, तो आपके निप्पल को नहीं पहचान पाता है।
  • पंप के द्वारा निकाला गया दूध दूषित हो सकता है और उससे बच्चे के स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान हो सकता है।
  • फ्लेंज के गलत साइज या पंप की स्पीड बहुत अधिक या बहुत कम होने के कारण निप्पल को नुकसान हो सकता है।
  • अतिरिक्त दूध को बाद में इस्तेमाल के लिए स्टोर करने से शरीर में दूध का उत्पादन अधिक हो सकता है, जिससे ब्रेस्ट इंगोर्जमेंट की समस्या हो सकती है।
  • पंपिंग के बाद उसकी सफाई और सैनिटाइजेशन की प्रक्रिया में बहुत अधिक समय और एनर्जी लगती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

यहां पर इलेक्ट्रिक ब्रेस्ट पंप के बारे में कुछ अक्सर पूछे जाने वाले सवालों के जवाब दिए गए हैं: 

1. इलेक्ट्रिक ब्रेस्ट पंप या मैन्युअल ब्रेस्ट पंप, कौन सा बेहतर है?

हर तरह के पंप के कुछ अपने फायदे और नुकसान होते हैं। इनका चुनाव, इस्तेमाल करने वाले को अपनी व्यक्तिगत जरूरत के अनुसार करना चाहिए। 

जो माँ दूध निकालने में अधिक समय नहीं लगा सकती है, उसके लिए इलेक्ट्रिक पंप सबसे सुरक्षित होता है। लेकिन, यह मैनुअल पंप से काफी महंगा होता है। वहीं दूसरी ओर, मैनुअल पंप पोर्टेबल होते हैं और इन्हें हैंड बैग में डालकर आसानी से कहीं भी कैरी किया जा सकता है। वहीं, इलेक्ट्रिक पंप को घर के बाहर इस्तेमाल करना थोड़ा मुश्किल होता है। 

2. डबल इलेक्ट्रिक ब्रेस्ट पंप क्या होते हैं?

डबल इलेक्ट्रिक ब्रेस्ट पंप में दो पंप होते हैं, जिन्हें एक ही समय पर दोनों ब्रेस्ट पर इस्तेमाल किया जा सकता है। 

अगर आप इलेक्ट्रिक ब्रेस्ट पंप का चुनाव करती हैं, तो आप काम पर हों या बच्चे से दूर हों, तो भी इस बात को लेकर निश्चिंत रह सकती हैं, कि आपके बेबी को आपका दूध मिल रहा है। 

यह भी पढ़ें: 

बच्चे को ब्रेस्टफीडिंग कराने की सबसे जरूरी चीजें
ब्रेस्ट पंप के 10 साइड इफेक्ट्स जो किसी ने आपको नहीं बताया
ब्रेस्टफीडिंग के अलावा ब्रेस्टमिल्क के सरप्राइज कर देने वाले 10 उपयोग

पूजा ठाकुर

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