नवजात शिशु के शरीर के बाल: कारण तथा निदान

नवजात शिशु के शरीर के बाल: कारण तथा निदान

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आप अब नौ लंबे महीनों के एक लंबे इंतजार के बाद, एक सुंदर बच्चे की माँ बन गई हैं। जब आप पहली बार बच्चे को अपनी बाहों में पकड़ते हैं, तो यह एहसास जादुई और अद्भुत होता है। जाहिर है अब आपका ध्यान उसके रूप और उसकी त्वचा पर जाएगा। त्वचा शायद झुर्रियों वाली होगी, और शरीर पर बाल होंगे। हालांकि, ये बाल कुछ दिनों के लिए होंगे जो थोड़े दिनों में झड़ जाएंगे।

लानुगो या नवजात शिशु के शरीर के बाल क्या हैं?

बाल जो नवजात शिशु के शरीर पर पाए जाते हैं, उन्हें लानुगो के रूप में जाना जाता है। यह लैटिन शब्द ”लाना’ से लिया गया है, जिसका अर्थ है ‘ऊन’। अपने बच्चे के शरीर में आप स्पष्ट रूप से उन बालों को देख सकते हैं। ये बाल अधिकांश रुप से बच्चे की पीठ, कान, गर्दन, चेहरे और कंधों पर देखे जाते है। कुछ बच्चों के पैदा होने से पहले ही शरीर के बाल झड़ जाते है, जबकि कुछ शिशु लानुगो के साथ पैदा होते हैं।

क्या नवजात शिशुओं के शरीर पर बाल होना सामान्य है?

हाँ! शिशुओं के शरीर पर बाल होना पूरी तरह से सामान्य है। यह गर्भ में पल रहे बच्चों के लिए प्राकृतिक इन्सुलेशन है। माताएं अक्सर इस सामान्य बात को लेकर चिंतित हो जाती हैं जो निश्चित रूप से कुछ हफ्तों में निकल जाएंगे। आश्वस्त रहें कि लानुगो सामान्य है और इसे हटाने की कोई आवश्यकता नहीं होती है। इन बालों को रगड़ने से बच्चे की संवेदनशील त्वचा पर जलन होगी। एक समय पूर्व जन्मे शिशु को गर्भरोम होने की सबसे अधिक संभावना होती है। इन गर्भरोम का विकास तब शुरू होता है जब भ्रूण 18 से 20 सप्ताह के बीच होता है। बालों की ये महीन परत सांवले रंग के बच्चों में अधिक स्पष्ट दिखाई देती है।

क्या नवजात शिशुओं के शरीर पर बाल होना सामान्य है?

नवजात शिशु के शरीर पर बालों की भूमिका

जब बच्चा माँ की कोख में होता है तो शिशु के शरीर के बाल, एक विशिष्ट भूमिका निभाते हैं। ये ये कुछ इस प्रकार बच्चे की मदद करते हैं

  • बच्चा जब गर्भ में होता है तो उसकी त्वचा मोम जैसी परत से ढकी होती है जिसे वर्निक्स कहा जाता है। यह शिशु को गर्म रखने में मददगार होती है और उसकी त्वचा में नमी बनाए रखती है। यह जन्म के दौरान गर्भाशय ग्रीवा से बच्चे के निकलने में भी सहायक होती है। लानूगो बच्चे की त्वचा को प्रभावी ढंग से धारण करने के लिए वर्निक्स की मदद करता है। गर्भ में होने से लेकर जन्म तक, वर्निक्स बच्चों के शरीर पर जमा होता है।

  • शरीर के बाल गर्भ में पल रहे बच्चे की कोमल त्वचा की रक्षा करते हैं।

  • ये शिशु पर एमनियोटिक द्रव के किसी भी प्रभाव को रोकने में भी मदद करते हैं।

नवजात शिशु के शरीर के बालों से जुड़ी समस्याएं

यदि लानुगो बाल पूरी तरह से या समय पर नहीं झड़ते हैं, तो यह मातापिता के लिए चिंता का विषय बन जाता है। बच्चे के बड़े होने के साथ ये भी प्रमुख बालों में विकसित हो सकते हैं। गर्भरोम नीचे बताई गई समस्याओं का कारण भी बन सकते हैं:

  • जब शिशु में सी..एच.(कंजेनिटल एड्रिनल हाइपरप्लासिया) का निदान होता है तो शिशु के शरीर पर गर्भरोम दिखाई देते हैं। यह दर्शाता है कि बच्चे में एंजाइम की कमी है।

  • सी..एच. कोर्टिसोल या एल्डोस्टेरोन के निम्न स्तर या बिल्कुल ही न होने के लिए जिम्मेदार होता है।

  • यह पुरुष हार्मोन एण्ड्रोजन के उच्च उत्पादन का कारण बनता है जिससे चेहरे और शरीर के बालों की असामान्य वृद्धि होती है।

  • सी..एच. रक्त में सोडियम के निम्न स्तर के लिए भी जिम्मेदार होता है। इससे शिशु का हृदय सही तरीके से कार्य नहीं कर पाता।

  • लानूगो का प्रभाव लड़कों के साथ ही लड़कियों पर भी पड़ता है।
    नवजात शिशु के शरीर के बालों से जुड़ी समस्याएं

नवजात शिशु के शरीर के बालों को कैसे निकालें?

यदि आप चिंतित हैं कि नवजात शिशुओं में लानुगो का इलाज कैसे किया जाए, तो शीघ्र और स्थायी परिणाम प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित उपायों को आजमाएं:

  • बच्चे के शरीर के बालों कम करने के लिए बच्चों के लिए बने हल्के तेल से शिशु के शरीर पर कोमल मालिश करना एक जांचा परखा तरीका है। सर्वोत्तम परिणामों के लिए इसे सुबह और शाम दो बार दोहराएं। जैतून के तेल का उपयोग की भी कारगर होता है।

  • हल्दी पाउडर, दूध और चंदन पाउडर को मिलाकर एक मिश्रण तैयार करें और बच्चे को स्नान कराने से पहले इसे लगाएं। गर्भरोम जिन जगहों पर अधिक हो उनपर ज्यादा ध्यान दें।

  • दो बड़े चम्मच गेहूं का आटा और एक बड़ा चम्मच बेसन साथ में मिलाएं। इसमें पानी मिलाकर आटे को गूंथ लें। स्नान से पहले अपने बच्चे के शरीर पर इस आटे को धीरे से रगड़ें, और आपको एक स्पष्ट अंतर दिखाई देगा।

  • आधा कप दूध में मसूर की दाल और बादाम मिलाएं और इस मिश्रण को नहलाने से पहले अपने बच्चे की त्वचा पर लगाएं।

  • अंतिम उपाय के तौर पर डॉक्टर स्टेरॉयड के माध्यम से सिंथेटिक हार्मोन देकर शरीर में हार्मोन्स का सही स्तर सुनिश्चित कर सकते हैं। तथापि, इसे सावधानीपूर्वक और बारीकी से मॉनिटर करना पड़ता है। हार्मोनल मामलों के उपचार में लंबा समय लगता है और इसके लिए धैर्य की आवश्यकता होती है।

अगर शिशु के गर्भ रोम शरीर से नहीं निकल रहें हों तो क्या करें?

अगर आप देखती हैं कि बच्चे के गर्भ रोम पहले 6 महीनों में नहीं झड़े हैं तो आपको तुरंत आपके डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। ध्यान से देखें कि क्या बाल पहले की तुलना में अधिक गहरे रंग के हो गए हैं। बालों के प्राकृतिक रूप से झड़नेके लिए इंतजार करना पहला विकल्प है। यदि आपका बच्चा सी..एच. (कंजेनिटल एड्रिनल हाइपरप्लासिया) से पीड़ित है, तो उसे जल्द से जल्द मेडिकल इलाज की आवश्यकता है। तब आपके बच्चे को सही हार्मोनल संतुलन बनाए रखने और स्थिति को और अधिक खराब होने से बचाने के लिए हार्मोनल इंजेक्शन्स की आवश्यकता होगी।

अधिकांश मामलों में लानुगो चिंता का बड़ा कारण नहीं होता लेकिन माताओं को अपनी सारी चिंताओं के बारे में डॉक्टर को जरुर बताना चाहिए। वे इन चिंताओं को दूर कर सकते हैं और यदि आवश्यक हो तो उपचार का सुझाव दे सकते हैं। यदि बच्चे का लानुगो दिन प्रतिदिन गहरा हो रहा है या झड़ना बंद हो गया है, तो शिशु रोग विशेषज्ञ (पेडियाट्रिशियन) से तुरंत बात करें। इसके अलावा, यदि लानुगो बच्चे के कुछ साल का होने तक बना रहता है, तो यह खाने के विकार के कारण हो सकता है और इसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए।