ब्लूबेरी में न्यूट्रिएंट काफी होते हैं और यह हेल्दी भी है। इसमें विटामिन ‘सी’, पोटैशियम और फॉलेट भरपूर मात्रा में होते हैं (फॉलिक एसिड का प्राकृतिक रूप)। गर्भधारण से पहले और गर्भावस्था के शुरूआती समय में महिलाओं को फॉलेट-युक्त आहार लेने की सलाह दी जाती है क्योंकि यह बच्चे की न्यूरल ट्यूब के विकास में मदद करता है। यह गर्भावस्था के दौरान यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन को भी ठीक करने में मदद करता है।
क्या गर्भावस्था के दौरान ब्लूबेरी खाना सुरक्षित है?
गर्भावस्था के दौरान ब्लूबेरी खाना पूरी तरह से सुरक्षित है। हालांकि इसे बहुत ज्यादा मात्रा में खाने की सलाह नहीं दी जाती है।

गर्भावस्था में ब्लूबेरी खाना क्यों अच्छा है?
ब्लूबेरी सिर्फ खाने में ही स्वादिष्ट नहीं होती है बल्कि इसमें न्यूट्रिशन भी भरपूर पाया जाता है जो एक गर्भवती महिला के लिए बहुत जरूरी है। ब्लूबेरी खाने के कुछ फायदे निम्नलिखित हैं, आइए जानें;
- ब्लूबेरी में पोटैशियम भरपूर होता है जो गर्भावस्था के दौरान हाइपरटेंशन को नियंत्रित और कम रखने में मदद करता है।
- इसमें विटामिन ‘सी’ भी होता है जिससे गर्भावस्था के दौरान इम्युनिटी बढ़ाने में मदद मिलती है और इससे इन्फेक्शन खत्म हो सकता है।
- ब्लूबेरी में सॉल्युबल और इन्सॉल्युबल फाइबर होता है जिससे पाचन के सुधार में मदद मिलती है और यह गर्भावस्था के दौरान बवासीर व कब्ज जैसी समस्याओं को भी ठीक करता है।
- इससे गर्भवती महिलाओं को वजन नियंत्रित करने में मदद मिलती है।
- इस फल में एंटी-ऑक्सीडेंट्स होते हैं जो गर्भावस्था के दौरान हो रही सभी चिंताओं को कम करने में मदद करते हैं।
- गर्भावस्था के दौरान ब्लूबेरी खाने से प्री-एक्लेम्पसिया को कम करने में मदद मिलती है।
ब्लूबेरी खाने से बच्चे में स्वास्थ्य संबंधी फायदे
- ब्लूबेरी में फॉलेट भरपूर होता है जो जन्म से संबंधित समस्याओं को ठीक करने के लिए बहुत जरूरी है, जैसे स्पाइना बिफिडा।
- इसमें कैल्शियम और पॉलीफेनॉल भी होता है जो बच्चे की हड्डियों के विकास में मदद करता है।
- यह गर्भावस्था के दौरान स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं, जैसे हाइपरटेंशन की वजह से प्रीमैच्योर डिलीवरी होने से भी बचाता है।
- इस फल में मौजूद विटामिन ‘सी’ शरीर को आयरन अब्सॉर्ब करने में मदद करता है जिससे जन्म के दौरान बच्चे का वजन कम होने का खतरा नहीं होता है।
ब्लूबेरी से बनी स्वादिष्ट रेसिपी
-
ब्लूबेरी का पैन केक

सामग्री
- आर्गेनिक रोल्ड ओट्स – 1/2 कप
- नमक – 1 चुटकी
- शहद – 2 छोटे चम्मच
- बेकिंग पाउडर – 1/2 छोटा चम्मच
- अंडा – 1
- वनीला एक्सट्रेक्ट – 1 छोटा चम्मच
- नींबू का रस – 1 छोटा चम्मच (वैकल्पिक)
- दूध – 2 बड़े चम्मच
- एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल या मेल्टेड बटर – 1 बड़ा चम्मच
टॉपिंग के लिए
- ब्लूबेरी (यदि सीजन नहीं है तो फ्रोजन ब्लूबेरी का उपयोग करें) – ½ कप
- मेपल सिरप – 1 छोटा चम्मच (वैकल्पिक)
विधि
- सबसे पहले आप पैन को गर्म करें।
- अब आप ओट्स, शहद और बेकिंग पाउडर को एक साथ मिलाकर ब्लेंड कर लें। फिर इसमें अंडा, वनीला, नींबू का रस, दूध, मेल्टेड बटर या एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल मिलाएं और लगभग 30 सेकंड तक ब्लेंड करें।
- अब बैटर को लगभग 10 मिनट के लिए एक तरफ रख दें।
- अब ग्रिडल में बैटर डालें और हल्का भूरा होने तक पकने दें।
- इसमें टॉपिंग के लिए पहले आप ब्लूबेरी को एक मिनट के लिए माइक्रोवेव करें और इसमें मेपल सिरप डालकर चलाएं।
- अंत में मेपल सिरप और ब्लूबेरी के मिश्रण को पैनकेक के ऊपर डालें।
2. ब्लूबेरी और आल्मंड स्मूदी

सामग्री
- अनस्वीटेंड सोया मिल्क – ¾ कप
- ब्लूबेरी (यदि सीजन नहीं है तो फ्रोजन ब्लूबेरी का उपयोग करें) – ¾ कप
- बादाम (भीगे और छिले हुए) – 4-5
- शहद – 1 छोटा चम्मच
विधि
- इसे बनाने के लिए आप सभी सामग्रियों को एक साथ ब्लेंड कर लें और आपका कैल्शियम-युक्त स्मूदी तैयार है।
गर्भावस्था में ब्लूबेरी खाने के साइड इफेक्ट्स
- यदि आप अधिक मात्रा में ब्लूबेरी खा लेती हैं तो इससे आपका ब्लड शुगर कम हो सकता है जो आपके और आपके गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए हानिकारक है।
- इससे आपको एलर्जी या रैशेस हो सकते हैं।
- चूंकि ब्लूबेरी में विटामिन ‘के’ भरपूर होता है जिसकी वजह से एक गर्भवती महिला को ब्लीडिंग हो सकती है।
- बहुत ज्यादा मात्रा में ब्लूबेरी खाने से आपको सूजन, पेट में दर्द और डायरिया हो सकता है।
ध्यान देने योग्य जरूरी बातें
गर्भवस्था के दौरान ब्लूबेरी का उपयोग हमेशा से किया जाता रहा है। सदियों से लोग ब्लूबेरी की जड़ को एक्सट्रेक्ट करके इससे चाय बनाते हैं, इसे पीने से गर्भवती महिलाओं को बहुत आराम मिलता है। आज भी कुछ नहीं बदला है। अब गर्भवती महिलाएं ब्लूबेरी की चाय पीने के बजाय इसका जूस पीती हैं क्योंकि इससे गर्भावस्था के दौरान बहुत सारे फायदे मिलते हैं। हालांकि गर्भावस्था में ब्लूबेरी खाने से पहले इसके बारे में कुछ बातें जान लेना बहुत जरूरी है।
- आप हमेशा ऑर्गेनिक ब्लूबेरी ही खरीदें और खाएं क्योंकि यह पेस्टिसाइड-मुक्त होती हैं।
- ब्लूबेरी खाने से पहले हमेशा इसे अच्छी तरह से साफ करें।
- बहुत ज्यादा मात्रा में ब्लूबेरी न खाएं क्योंकि इससे आपको साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं।
- इसे अपने आहार में शामिल करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
यद्यपि ब्लूबेरी में वे सभी न्यूट्रिएंट होते हैं जो एक गर्भवती महिला के लिए जरूरी हैं पर इसके कुछ साइड इफेक्ट्स भी हैं। इसलिए गर्भावस्था के दौरान ब्लूबेरी खाने से पहले आप डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
यह भी पढ़ें:
प्रेगनेंसी के दौरान आलूबुखारा का सेवन
प्रेगनेंसी के दौरान संतरा खाना

















