गर्भावस्था के दौरान गैस की समस्या के 12 घरेलू उपचार

गर्भावस्था के दौरान गैस की समस्या के घरेलू उपचार
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गर्भावस्था ऐसा चरण है, जो एक महिला को पूर्ण और संतुष्ट महसूस कराता है। बस यह जानना कि आपके भीतर एक जिंदगी पल रही है और जल्द ही कुछ महीनों में वह आपके साथ होगी सोचकर ही रोमांचक लगता है। गर्भधारण करते ही जैसे आप सातवें आसमान पर होती हैं, लेकिन हाँ! गर्भवती होना इतना आसान भी नहीं है; आपको कुछ कठिन व शर्मनाक परिस्थितियों से गुजरना पड़ सकता है । कभीकभी, आपको पेट फूला हुआ महसूस हो सकता है और आप दिन में कई बार अधोवायु छोड़ सकती हैं।

हाँ, यह शर्मनाक हो सकता है और यदि आप लोगों के साथ हैं तो आप असहज भी महसूस कर सकती हैं। ऐसा होने के कुछ मुख्य कारणों को नीचे सूचीबद्ध किया गया है :

1. वजन बढ़ना

गर्भावस्था में आपको हर कुछ घंटों में अत्यधिक भूख लग सकती है। परिणामस्वरूप, आप बारबार कुछ न कुछ खाएंगी। और अगर आप पहले व्यायाम करती थीं तो हो सकता है कि गर्भावस्था के बाद आप इसे करने में असक्षम रहेंगी, और इन कारणों से आपका वजन बढ़ सकता है।

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2. हार्मोन में असंतुलन

प्रोजेस्टेरोन हार्मोन गर्भावस्था के दौरान गैस और पेट फूलने के मुख्य कारणों में से एक है। गर्भावस्था में प्रोजेस्ट्रोन हार्मोन का स्तर बढ़ने लगता है जिससे मांसपेशियाँ शिथिल होने लगती हैं, आँत की भी मांसपेशियाँ शिथिल हो जाती हैं, जिससे पाचन प्रक्रिया काफी धीमी हो जाती है। खाना लंबे समय तक पाचन तंत्र में रहता है, जिससे गर्भवती महिलाओं को पेट फूलने की और लगातार पेट में गैस की समस्याएं होती हैं।

3. मधुमेह या डायबिटीज

आमतौर पर गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के ब्लड शुगर का स्तर बढ़ जाता है और जिस वजह से डायबिटीज होने की शिकायत हो सकती है । यदि किसी महिला को गर्भावस्था के दौरान डायबिटीज होती है, तो उसे पेट फूलने की समस्या हो सकती है। यह समस्या आमतौर पर गर्भावस्था की दूसरी तिमाही में होती है।

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गर्भावस्था के दौरान गैस

4. शारीरिक परिवर्तन

गर्भावस्था के दौरान शारीरिक परिवर्तन से भी गैस हो सकती है। जैसेजैसे प्रसव का समय नजदीक आता है तो लगातार बढ़ रहा गर्भाशय, उदर गुहा (एब्डोमिनल कैविटी) पर दबाव डालता है जिससे पाचन प्रक्रिया धीमी हो जाती है और जिससे गैस होती है।

5. गैसीय खाद्य पदार्थ खाना

कुछ खाद्य पदार्थ अत्यधिक गैस पैदा करते हैं। यदि आप गर्भावस्था के दौरान तले हुए खाद्य पदार्थ, डेयरी उत्पाद, पत्तेदार सब्जियां, या कार्बोनेटेड पेय का सेवन करती हैं, तो आपको पेट में गैस और पेट फुला हुआ महसूस हो सकता है।

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गर्भावस्था में पेट के गैस के लिए प्राकृतिक उपचार

एक औसत व्यक्ति हर दिन लगभग 15-20 बार अधोवायु छोड़ सकता है। लेकिन गर्भावस्था के दौरान, यह संख्या लगभग दोगुनी हो जाती है जिससे कुछ असुविधा और शर्मिंदगी हो सकती है। गर्भावस्था के दौरान गैस की समस्याओं से निपटने के लिए, आप कुछ प्राकृतिक उपचार आजमा सकती हैं। यह उपाय काफी प्रभावी हैं और आसान भी हैं। गैस की समस्या के इलाज के लिए यहाँ कुछ प्राकृतिक उपचार दिए गए हैं, जिन्हें आप जरूर करें :

1. अधिक मात्रा में पानी पिएं

दिन में नियमित अंतराल पर पर्याप्त मात्रा में पानी पीकर अपने शरीर की पानी की मात्रा बनाएं रखें। अपने दिन की शुरुआत ही एक गिलास पानी पीकर करें और दिनभर एक शुद्ध पानी का जग या बोतल अपने पास रखें व नियमित अंतराल पर पीती रहें। आप फलों का ताजा रस भी पी सकती हैं, क्योंकि फलों का रस पीने से शरीर से विषैले तत्व निकल जाते हैं और जिससे पेट फूलने की समस्या नहीं होती है।

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गर्भावस्था के दौरान अधिक मात्रा में पानी पिएं

 

2. रेशेदार खाना खाएं

अपने आहार में गाजर, सेब, ओट्स का दलिया, पत्तेदार सब्जियां और नाशपाती शामिल करें क्योंकि यह पाचन तंत्र से पानी अवशोषित करने में मदद करते हैं। खाने में मौजूद रेशों के कारण आपका बॉवेल मूवमेंट अच्छा होता है जिससे मलोत्सर्ग नियमित रहता है और आपका पेट फूला हुआ भी महसूस नहीं होगा । लेकिन सावधानी बरतें यदि आपके पेट को रेशेदार खाना खाने की ज्यादा आदत नहीं है, तो अपने आहार में रेशेदार फल और सब्जियां धीरेधीरे शामिल करें।

3. थोड़ी मात्रा में लेकिन नियमित अंतराल में खाएं

एक दिन में तीन पूर्ण भोजन खाने के बजाय, आप उन्हें छह छोटे भोजन में विभाजित कर सकती हैं। अपना खाना इत्मीनान से खाएं। जल्दीजल्दी खाना न खाएं हर निवाला ठीक से चबाएं। इसके अलावा, तले हुए और अस्वास्थ्यकर खाना खाने से बचें।

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4. मेथी के दाने खाएं

भिगोए हुए मेथी के दाने क पानी, यह गैस के लिए एक पुराना उपचार है। गर्भावस्था के दौरान गैस को नियंत्रित करने के लिए यह एक आजमाया गया उपाय है। एक चम्मच मेथी दाने लें और इन्हें रात भर एक गिलास पानी में भिगोकर रखें। पानी को छानकर दाने और पानी अलग कर लें और गैस की तकलीफ कम करने के लिए यह पानी पिएं।

गर्भावस्था के दौरान मेथी के दाने खाएं

 

5. नींबू का रस

एक कटोरे में एक पूरा नींबू निचोड़ें और उसमें एक कप पानी और आधा चम्मच खाने का सोडा मिलाएं। इसे तब तक हिलाते रहें जब तक कि खाने का सोडा पूरी तरह से घुल न जाए। गैस और गैस से संबंधित अन्य समस्याओं से तुरंत राहत पाने के लिए इसे पिएं। सुबहसुबह गर्म पानी के साथ नींबू का रस पीने से पेट दर्द से भी राहत मिलती है।

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6. हर्बल चाय पिएं

यह गर्भावस्था के दौरान गैस की समस्याओं से निपटने के लिए एक अत्यंत लोकप्रिय घरेलू उपाय है। ब्लैकबेरी, लाल रास्पबेरी और पिपरमिंट के पत्तों की चाय पाचन प्रक्रिया की सहायता करने के लिए जानी जाती हैं। हर्बल चाय को बहुत ज्यादा न उबालें क्योंकि इससे इसके औषधीय गुण नष्ट हो सकते हैं। गर्भावस्था के दौरान पेपरमिंट के पत्तों की चाय पीने से गैस से राहत पहुँचती है। इसमें शहद मिलाकर इसे दिन में दो बार पिएं। हालांकि यह चाय बहुत ज्यादा भी न पिएं क्योंकि इससे गर्भावस्था में अन्य समस्याएं हो सकती हैं।

7. धनिया आजमाकर देखें

यह पदार्थ ज्यादातर घरों में उपलब्ध होता है और यह गैस और पेट फूलने की समस्या के लिए एक प्राकृतिक उपचार है। अपनी पाचन क्रिया ठीक रखने के लिए आप इसे कच्चा भी खा सकते हैं या इसे अपने रोज के खाने में शामिल कर सकते हैं। धनिये की पत्तियाँ भी ऐसिडिटी और पेट की जलन को कम करने में मदद करती हैं। अपाचन और गैस की समस्या को दूर रखने के लिए, एक गिलास छाछ में भुने हुए धनिया के बीज डालकर इसे पिएं।

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8. गर्म पानी पिएं

हर रोज गर्म पानी पीने से अपाचन और अन्य गैस से सम्बन्धित समस्याओं का इलाज किया जा सकता है। रोजाना एक गिलास गर्म पानी पीने से न केवल पाचन क्रिया ठीक रहती है बल्कि मलोत्सर्ग भी नियमित रहेगा, जो आमतौर पर गर्भावस्था में प्रभावित होता है। यदि आप रेस्ट्रॉन्ट या किसी पार्टी में खाना खाते हैं, तो खाने के बाद एक गिलास गर्म पानी (यदि संभव हो तो आधा नींबू निचोड़कर) पीने की आदत डालें।

9. अपने आहार में सहजन (ड्रमस्टिक) शामिल करें

यदि आपको कब्ज है या शौच करने मे तकलीफ है, तो इस रेशेदार सब्जी को अपने खाने में अवश्य शामिल करें। चूंकि आपका मलोत्सर्ग अनियमित है, आपके शरीर में अतिरिक्त गैस बनने की संभावना है। सहजन से आपके खाने में रेशे की की मात्रा बढ़ती है जिससे पेट का स्वास्थ्य अच्छा रहता है।

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गर्भावस्था के दौरान सहजन खाएं

 

10. सही भोजन विकल्प अपनाएं

गर्भावस्था के दौरान आपको अपने ख़ान पान पर विशेष ध्यान देना चाहिए और इसका सही चयन करना चाहिए। इस दौरान तैयार खाद्य पदार्थों या फ्रोज़न खाद्य पदार्थों की अपेक्षा ताजा खाना खाना ही बेहतर है। गर्भावस्था के दौरान कीटनाशकों से मुक्त जैविक खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता देनी चाहिए। इन प्राकृतिक तरीकों से अपाचन और पेट फूलने की संभावना कम हो जाती है।

11. योग और व्यायाम करें

हल्के व्यायाम और योग का समय निश्चित करें और इन्हें नियमित रूप से करें क्योंकि पूरे दिन बैठे रहने से आपको गैस की समस्या हो सकती है। गर्भवती महिलाओं के लिए हल्के व्यायाम जैसे कि टहलना, विशेष रूप से सुबह या रात के खाने के बाद उपयुक्त साबित हो सकता है। किसी भी तरह का कठिन व्यायाम न करें। इसके बजाय योग करें (किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह लें)। हल्के शारीरिक व्यायाम करने से आपको गर्भावस्था के दौरान गैस और अन्य गैस से निगडित समस्याओं से छुटकारा पाने में मदद मिलेगी।

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12. आरमदायक कपड़ें पहने

गर्भावस्था के दौरान चुस्त कपड़े पहनने से आपके पेट पर दबाव पड़ सकता है, जो गैस के निर्माण को बढ़ा सकता है, जिससे आप असहज महसूस कर सकते हैं। इसलिए गर्भावस्था के दौरान, विशेष रूप से गर्भावस्था के अंतिम चरणों में, ढीले और आरामदायक कपड़े पहनें।

गर्भावस्था के दौरान गैस के निर्माण को कैसे रोकें

यहाँ कुछ सुझाव दिए गए हैं जो आपको गर्भावस्था के दौरान गैस की समस्या को नियंत्रित करने, कम करने और रोकने में मदद कर सकते हैं:

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1. परिष्कृत चीनी (रिफाइंड शुगर) का सेवन करने से बचें

यदि आप मीठे खाद्य पदार्थ खाने और मीठे पेय पीने की तीव्र इच्छा को कम करने का तरीका ढूँढ पाते हैं, तो यह आपके लिए बहुत फायदेमन्द होगा। फ्रुक्टोज, जो आमतौर पर कृत्रिम तरीके से बनाए गए फलों के रस और पेय पदार्थों में पाया जाता है, पेट के फूलने का और गैस का कारण बन सकता है। इसलिए कृत्रिम तरीके से बने पेय और कार्बोनेटेड पेय का सेवन टालें। आपको च्यूइंग गम और मीठी गोलियों का सेवन भी टालना चाहिए क्योंकि इनमें सोर्बिटोल होता है जिससे आपको पेट फूला हुआ महसूस हो सकता है।

2. तले हुवे पदार्थों का सेवन भी कम मात्रा में करें

तले हुए खाद्य पदार्थ खाना टालें, जैसे चिप्स और फ्राइज; हालांकि इनका गैस से सीधा सम्बन्ध नहीं है, लेकिन इनसे आपको पेट फूला हुआ महसूस हो सकता है, क्योंकि गर्भावस्था के दौरान पाचन प्रक्रिया काफी धीमी हो जाती है। इसके अलावा, बीन्स, प्याज, ब्रोकोली, गोभी और फूलगोभी जैसे खाद्य पदार्थ गैस की समस्या पैदा कर सकते हैं, इसलिए गर्भावस्था में इनका सेवन कम करें।

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3. अपना तनाव कम करें

बहुत से लोगों को तनाव होने पर गैस की समस्या होती है। जब आपको तनाव या घबराहट होती है, तो आप जल्दीजल्दी सांस लेते हैं और ऐसे में बहुत अधिक हवा अंदर जाती है, जिससे गैस की समस्या होती है। तनाव से संबंधित गैस इर्रिटेबल बॉवेल सिंड्रोम (आई.बी.एस) का भी एक लक्षण है। यदि आपको गर्भावस्था के दौरान आई.बी.एस. है, तो आपको पेट फूलना, कब्ज या पेट में ऐंठन जैसे लक्षण भी दिख सकते हैं। इसलिए गर्भावस्था के दौरान तनाव को नियंत्रित करने का तरीका सीखना अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। आप ध्यान या योग जैसे तनाव मुक्ति के तकनीक आजमा सकते हैं।

यदि आपको लगता है कि गैस की समस्या से आपके बच्चे को नुकसान पहुँच सकता है, तो निश्चिंत रहें, क्योंकि आपका बच्चा स्वस्थ है। एम्नियोटिक द्रव आपके बच्चे को उसको होने वाले किसी भी नुकसान से बचाएगा। गर्भावस्था के दौरान गैस और पेट फूलना एक आम समस्या है, लेकिन इसका आपके बच्चे के स्वास्थ्य पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इसके अलावा, इस समस्या को दूर रखने के लिए, तले हुए और मीठे खाद्य पदार्थों का सेवन टालें। हालांकि, यदि आपको यह समस्या पहले से है, तो ऊपर बताए गए उपायों को आजमाएं, आप काफी बेहतर महसूस करेंगे। गर्भावस्था में तनावमुक्त और खुश रहें। यदि अधोवायु छोड़ने या पेट दर्द के बाद हल्का रक्तस्राव या पेट में ऐंठन है, तो तुरंत अपने डॉक्टर से परामर्श करें।

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