गर्भावस्था

गर्भावस्था के दौरान एंटासिड का सेवन

एंटासिड का उपयोग पाचन से संबंधित समस्याओं को रोकने के लिए किया जाता है, और कई महिलाएं बड़ी मात्रा में मेडिकल स्टोर से इसे खरीदती हैं। क्या आप जानती हैं कि ऐसा क्यों होता है?

गर्भावस्था के दौरान हार्टबर्न और अन्य पाचन संबंधी समस्याएं काफी आम होती हैं। इतनी अधिक कि 80 प्रतिशत गर्भवती महिलाएं अपनी गर्भावस्था में किसी ना किसी समय सीने में जलन की शिकायत करती ही हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि प्लेसेंटा, हार्मोन प्रोजेस्टेरोन को रिलीज करने की शुरुआत करता है जो पाचन क्रिया को धीमा कर देता है। इसके अलावा, यह आमाशय और फूड पाइप (भोजन की नली) को जोड़ने वाले वाल्व को भी रिलैक्स कर देता है जिससे एसिड ऊपर की ओर जाता है।

ADVERTISEMENTS

सिर्फ इतना ही नहीं, गर्भ में पल रहा शिशु पेट में बहुत अधिक जगह घेरता है, जिससे आंतरिक अंगों पर दबाव पड़ता है। इसके कारण एसिड पेट से मुँह की ओर धकेला जाता है।

एंटासिड काम कैसे करते हैं

आमाशय भोजन को विखंडित करके शरीर द्वारा अवशोषित किए जाने लायक बनाता है। आमाशय में मौजूद ग्रंथियां भोजन का विश्लेषण करके आवश्यकता के अनुसार पाचक रस रिलीज करता है। इस पाचक रस में मुख्य रूप से हाइड्रोक्लोरिक एसिड तथा पेप्सिन नामक एंजाइम होते हैं। प्रोटीन को पचाने के लिए पेप्सिन आवश्यक होता है। हालांकि, कभी-कभी आमाशय के एसिड के उत्पादन में असंतुलन होता है जिससे व्यक्ति को बेचैनी हो सकती है। एंटासिड का इस्तेमाल इस असंतुलन को नियंत्रित करने और पाचन तंत्र के काम को बहाल करने में किया जाता है।

ADVERTISEMENTS

क्या गर्भावस्था में एंटासिड का सेवन किया जा सकता है

एंटासिड सिरप गर्भावस्था के दौरान सीने में जलन और एसिडिटी से तुरंत आराम दिलाने में मदद कर सकता है। दरअसल, गर्भावस्था में एंटासिड की गोलियों के बजाय सिरप को तरजीह दी जाती है, क्योंकि सिरप आसानी से घुल जाते हैं और तेजी से काम करते हैं। अधिकांश एंटासिड जो बाजार उपलब्ध हैं, उनका सेवन सुरक्षित है। फिर भी, कुछ एंटासिड ऐसे भी हैं जो काफी खतरनाक हो सकते हैं और गर्भपात का कारण भी बन सकते हैं। आवश्यक बात यह है कि एंटासिड सीमित मात्रा में लें और अपने डॉक्टर से परामर्श के बाद ही लें।

क्या होगा यदि आप गर्भावस्था के दौरान बहुत सारे एंटासिड लेती हैं

एंटासिड विभिन्न पदार्थों से बने होते हैं जैसे मैग्नीशियम, कैल्शियम कार्बोनेट, सोडियम बाईकार्बोनेट और एल्युमीनियम। शरीर पर इनके अलग-अलग प्रभाव हो सकते हैं। अधिक मात्रा में ली गई कोई भी चीज हानिकारक हो सकती है, और एंटासिड कोई अपवाद नहीं हैं। एंटासिड के अधिक सेवन से होने वाली कुछ समस्याओं में शामिल हैं उल्टी, खून की कमी और किडनी स्टोन यानि गुर्दे की पथरी।

ADVERTISEMENTS

गर्भवती महिलाओं के लिए कौन से एंटासिड सुरक्षित हैं

गर्भावस्था के दौरान कुछ सुरक्षित एंटासिड में शामिल हैं:

1. मैग्नीशियम आधारित

ये गर्भवती महिलाओं के लिए सुरक्षित माने जाते हैं और अपच से निपटने के लिए अच्छी तरह से काम करते हैं।

ADVERTISEMENTS

2. कैल्शियम कार्बोनेट आधारित

इस प्रकार के एंटासिड का गर्भवती महिलाओं पर कोई प्रतिकूल प्रभाव भी नहीं होता है। तकलीफ से राहत देने के मामले में वे काफी असरदार होते हैं क्योंकि इस प्रकार के एंटासिड तुरंत काम करते हैं।

गर्भवती महिलाओं के लिए कौन से एंटासिड असुरक्षित हैं

1. एल्युमीनियम आधारित

इस प्रकार के एंटासिड कब्ज कर सकते हैं और समस्या से राहत के मामले में फायदे से ज्यादा नुकसान पहुँचा सकते हैं। इसके अलावा, एल्युमीनियम की निरंतर सेवन टॉक्सिक प्रभाव वाला है और गर्भपात जैसी समस्याओं को जन्म दे सकता है।

ADVERTISEMENTS

2. सोडियम बाइकार्बोनेट आधारित

इस प्रकार के एंटासिड के साथ समस्या यह है कि इसमें वाटर रिटेंशन यानी शरीर के अंगों में पानी के जमाव की प्रवृत्ति होती है जो सोडियम की एक विशेषता है। गर्भावस्था के दौरान, हमेशा महिलाओं को वाटर रिटेंशन के कारण टखनों और कलाइयों में सूजन की समस्या होती है। इस एंटासिड में पाई जाने वाली सोडियम की मात्रा केवल इस समस्या को और बढ़ाएगी।

गर्भवती होने पर एंटासिड से बचने के कारण

यद्यपि थोड़ी सी भी बेचैनी होने पर एंटासिड लेने से आराम मिल सकता है, लेकिन यहाँ कुछ ऐसे कारण दिए जा रहे हैं जो आपको बताएंगे कि आपको इसे लेने से पहले दो बार क्यों सोचना चाहिए।

ADVERTISEMENTS

1. एसिड का उत्पादन कम करता है

एंटासिड से अपेक्षा की जाती है कि वे पेट में एसिड के उत्पादन को संतुलित करने में मदद करेंगे, लेकिन इसके बहुत अधिक इस्तेमाल करने से यह पाचन प्रणाली को बिगाड़ सकता है।

2. अंतिम तिमाही में जटिलताएं

यह एक ऐसा समय है जब एंटासिड से दूर रहना बेहतर होगा क्योंकि शरीर को थोड़े से भी दुष्प्रभाव से आघात पहुँच सकता है। मैग्नीशियम जैसे अपेक्षाकृत सुरक्षित एंटासिड भी संकुचन शुरू करवा सकते हैं।

ADVERTISEMENTS

3. साइड इफेक्ट्स

हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है, और एंटासिड इसके आधार पर अलग-अलग रिएक्शन कर सकते हैं। कुछ अप्रिय साइड इफेक्ट्स हैं चक्कर आना, पेट में मरोड़ और उल्टी।

4. एनीमिया

अधिकांश एंटासिड कैल्शियम से भरे होते हैं जिसके कारण शरीर में आयरन का अवशोषण कम होता है। गर्भवती महिलाओं को पहले से ही एनीमिया का खतरा रहता है और एंटासिड इसे और बिगाड़ देता है।

ADVERTISEMENTS

5. किडनी स्टोन

जैसा कि ऊपर बताया गया है, अधिकांश एंटासिड में बड़ी मात्रा में कैल्शियम होता है, इसका एक और नकारात्मक प्रभाव यह है कि शरीर द्वारा बड़ी मात्रा में कैल्शियम ठीक से अवशोषित नहीं हो पाता है। फिर यह किडनी से मूत्राशय (ब्लैडर) में जाता है और पथरी बनाता है।

6. एल्कलाइन स्टमक एसिड

एंटासिड का सेवन नियमित रूप से करने से पेट का एसिड एल्कलाइन यानी क्षारीय प्रकृति का हो जाता है।इससे आगे पाचन के लिए भोजन को सफलतापूर्वक विखंडित करने की एसिड की क्षमता कम हो जाएगी।

ADVERTISEMENTS

7. एसिडिटी का पलटना

कभी-कभी ऐसा हो सकता है की एंटासिड के लगातार उपयोग पर आमाशय प्रतिक्रिया करना शुरू कर दे। एंटासिड के प्रभाव को दूर करने के लिए पेट में एसिड का उत्पादन बढ़ जाएगा। नतीजतन, आप जैसे ही एंटासिड के बिना कुछ दिन रहेंगी, आप गंभीर एसिडिटी की समस्या से परेशान होने लगेंगी।

8. कब्ज

एक बार फिर कैल्शियम ही इसके लिए जिम्मेदार है। हद से ज्यादा कैल्शियम आंतों की मांसपेशियों को रिलैक्स कर देता है। इससे शरीर में भोजन के पचने में देरी हो सकती है। चूंकि भोजन को मलाशय तक पहुँचने में अधिक समय लगता है, यह समय बीतने के साथ कठोर होने लगता है, जिससे कब्ज हो जाती है।

ADVERTISEMENTS

एंटासिड के प्राकृतिक विकल्प

तो, क्या इसका मतलब यह है कि एंटासिड खराब होते हैं? नहीं! बिलकुल भी नहीं!कभी-कभार इसे लेना ठीक होता है। हालांकि, गर्भावस्था के लिए प्राकृतिक एंटासिड हैं जैसे कि केला और दही, जो कि दवाइयों की तरह ही सहायक हो सकते हैं। आपको अपनी जीवन शैली में बदलाव करने की आवश्यकता होगी जो सबसे पहले एसिडिटी से बचने में मदद कर सकती है। इसमें शामिल हैं:

  • कम आहार: ढेर सारा खाने से बचें क्योंकि पेट को इसके लिए अधिक एसिड का उत्पादन करने की आवश्यकता होती है। कम आहार का मतलब है कम एसिड, जिससे एसिडिटी और हार्टबर्न की संभावना कम हो जाती है।
  • ढीले-ढाले कपड़े पहनें: टाइट फिटिंग के कपड़े पेट पर दबाव डाल सकते हैं। जब एक तरफ से बच्चा और दूसरी तरफ से कपड़े धक्का दे रहे हों, तो स्वाभाविक रूप से अम्ल ऊपर को उठेगा और सीने में जलन पैदा करेगा।

आखिर में, आप फैसला कर सकती हैं कि आपके लिए क्या उपयुक्त है। कुछ लोग जहाँ एंटासिड से शायद पूरी तरह बचना चाहें, वहीं दूसरों के लिए, एंटासिड उनके जीवन को आसान बनाने में मदद कर सकते हैं। यदि आपको लगता है कि आप इस बारे में सुनिश्चित नहीं हैं कि क्या किया जाए, तो किसी न्यूट्रिशनिस्ट से मिलें। वे जानते हैं कि भोजन कैसे काम करता है और एसिडिटी की संभावना को कम करने के लिए आपको समय-सारणी और चार्ट भी दे सकते हैं।

ADVERTISEMENTS

यह भी पढ़ें:

गर्भावस्था के दौरान दस्त: कारण, उपचार और रोकथाम
गर्भावस्था के दौरान गैस और ब्लोटिंग की समस्या

ADVERTISEMENTS

श्रेयसी चाफेकर

Recent Posts

प्रिय शिक्षक पर निबंध (Essay On Favourite Teacher In Hindi)

शिक्षक हमारे जीवन में अत्यधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वह केवल किताबों से ज्ञान नहीं…

1 month ago

मेरा देश पर निबंध (Essay On My Country For Classes 1, 2 And 3 In Hindi)

मेरा देश भारत बहुत सुंदर और प्यारा है। मेरे देश का इतिहास बहुत पुराना है…

1 month ago

शिक्षा का महत्व पर निबंध (Essay On The Importance Of Education In Hindi)

शिक्षा यानी ज्ञान अर्जित करने और दिमाग को सोचने व तर्क लगाकर समस्याओं को हल…

1 month ago

अच्छी आदतों पर निबंध (Essay On Good Habits in Hindi)

छोटे बच्चों के लिए निबंध लिखना एक बहुत उपयोगी काम है। इससे बच्चों में सोचने…

2 months ago

कक्षा 1 के बच्चों के लिए मेरा प्रिय मित्र पर निबंध (My Best Friend Essay For Class 1 in Hindi)

बच्चों के लिए निबंध लिखना बहुत उपयोगी होता है क्योंकि इससे वे अपने विचारों को…

2 months ago

मेरा प्रिय खेल पर निबंध (Essay On My Favourite Game In Hindi)

खेल हमारे जीवन में बहुत अहम भूमिका निभाते हैं। ये न सिर्फ मनोरंजन का साधन…

2 months ago