यहां पीडियाट्रिशन के द्वारा बताई गई गाइडलाइन की लिस्ट दी गई है जो नए पेरेंट्स को 1 से 6 महीने तक, महीने दर महीने अपने बच्चे के विकास के पड़ावों को जानने और उसे ट्रैक करने में मदद करेगी।
न्यूबॉर्न बच्चे रोजाना फीड करने, सोने, पॉटी और सुसु करने के अलावा ज्यादा कुछ नहीं करते हैं। ज्यादातर नए पैरेंट इस रूटीन से थक जाते हैं। लेकिन बच्चे बहुत जल्दी बड़े हो जाते हैं और जल्दी ही उनका इंट्रेस्ट बहुत सारी एक्टिविटी में बढ़ने लगेगा। आने वाले कुछ ही महीनों में आप यह देखकर हैरान हो जाएंगी कि बच्चा कितनी तेजी से अपनी नई स्किल्स सीख रहा है।
शुरुआत में आपको लग सकता है कि आपका बेबी केवल सोने, दूध पीने और रोने में ही रुचि रखता है। लेकिन धीरे-धीरे वो आवाजों को पहचानना और रिएक्ट करना, चेहरों को देखकर नजर टिकाना सीखने लगेगा।
कुछ हफ्तों में, वह आपकी आवाज से परिचित हो जाएगा, क्योंकि बच्चा सबसे पहले मां की ही आवाज सबसे ज्यादा सुनता है। वह 8 से 12 इंच की दूरी से भी आपके चेहरे को भी पहचानने लगेगा, ऐसा इसलिए है क्योंकि आप उसे फीड कराती हैं और अपनी गोद में लेती हैं। हालांकि अभी उसे हर चीज ब्लैक और वाइट ही दिखती है।
बच्चे के साथ आई कांटेक्ट करें, उसे प्यार करें, बातें करें और उसके लिए गाने गाएं ।
आप बच्चे को पार्क या प्ले ग्राउंड में टहलाने के लिए प्रैम या स्लिंग का उपयोग कर सकती हैं। ताजी हवा बच्चों के लिए अच्छी होती है। इसके अलावा, उसे सुबह की धूप लेने के लिए भी बाहर ले जाना फायदेमंद होता है, लेकिन धूप बहुत तेज नहीं होनी चाहिए।
उसे पेट के बल कुछ देर लिटा दें और उसके पैरों को साइकिल मोशन में घुमाएं। इससे न केवल बेबी को मजा आता है, बल्कि उसे गैस पास करने में भी मदद मिलेगी। उसे एक एक्टिविटी मैट/प्ले जिम पर बिठाएं जहां वह मोबाइल को देखकर खुश हो सके और उस तक पहुंचने की कोशिश कर सके।
लुका-छिपी जैसे सिंपल गेम खेलें, उसके तलवों पर गुदगुदी करें, उसे खिलौनों को पकड़ने के लिए दें या उसका ध्यान आकर्षित करने के लिए आवाजें करें।
हालांकि हर बच्चा अलग तरह से विकसित होता है, अगर आपका बच्चा नीचे दिए गए माइलस्टोन को पार करने में सक्षम नहीं है, तो आपको उसे डॉक्टर को दिखाना चाहिए, ऐसा तब होगा यदि बच्चा;
चार और पांच महीनों में, आपका शिशु पहले की तुलना में ज्यादा एक्टिविटी में शामिल होने लगता है। इस समय तक वो हंसने मुस्कुराने लगता है।
उससे बात करें और कमरे में या बाहर की वस्तुओं की ओर इशारा करके उसे दिखाएं।
एक बड़ी स्पष्ट तस्वीरों वाली किताब खरीदें। किताब में बच्चे को चीजें दिखाएं।
एक्शन के साथ नर्सरी राइम गाएं। अगर वो एक्शन नहीं भी कर पाएगा, तो इससे मोहित जरूर होगा। कुछ सॉफ्ट म्यूजिक लगाएं और देखें कि वह कैसे इसे एन्जॉय करता है।
बच्चे की उम्र के अनुसार खिलौने जैसे रैटल, कार्टून, बिना बालों वाली गुड़िया, घरेलू सामान जैसे लकड़ी के चम्मच आदि दें।
उसे कुछ समय के लिए रोजाना पेट के बल लिटाएं और उसे खिलौनों के साथ खेलने के लिए भी प्रोत्साहित करें।
हालांकि प्रत्येक बच्चा अलग तरह से विकसित होता है, लेकिन अगर कुछ ठीक न लगे या आप नीचे बताई गई चीजें नोटिस करती हैं तो डॉक्टर से बात करें, जानिए अगर बच्चा;
इस बात को समझें कि प्रत्येक बच्चा अपनी गति से विकसित होता है। इसलिए घबराएं नहीं। जरा सा भी संदेह होने पर अपने डॉक्टर से बात करें।
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