गर्भावस्था

गर्भावस्था के दौरान गर्भाशय में रक्त का थक्का

ADVERTISEMENTS

गर्भावस्था एक ऐसा समय होता है जिसमें महिला भावनात्मक और शारीरिक रूप से बहुत सारे परिवर्तनों का अनुभव करती है। इसलिए, अपने स्वास्थ्य की अच्छी देखभाल करना और होने वाले सभी बदलावों पर नजर रखना बहुत महत्वपूर्ण है। गर्भावस्था के दौरान वजाइना (योनि) से ब्लीडिंग असामान्य बात है और ऐसा होने पर किसी भी जोखिम या जटिलताओं से बचने के लिए अपने डॉक्टर को अवश्य बताना चाहिए। 

गर्भाशय में रक्त का थक्का क्या है?

जब भी शरीर को चोट का अनुभव होता है, जैसे कि कट या घाव, तो यह ब्लीडिंग के साथ होता है, जो बाद में रक्त का थक्का बन जाता है। इसी तरह, जब प्लेसेंटा गर्भाशय की दीवार से अलग हो जाता है, तो ब्लीडिंग और ब्लड क्लॉट बनने लगता है। आपका शरीर किसी भी घाव पर इसी तरह प्रतिक्रिया करता है। प्लेसेंटा माँ और बच्चे के बीच पोषक तत्वों और ऑक्सीजन की आपूर्ति का प्रमुख अंग है। लेकिन अगर किसी भी तरह का थक्का बनता है, तो इससे कई गंभीर नुकसान हो सकते है। इसलिए तुरंत डॉक्टर को जानकारी दें। ये ब्लड क्लॉट गर्भावस्था के किसी भी समय के दौरान हो सकते हैं – यहां तक कि डिलीवरी के दौरान भी।

गर्भाशय में रक्त के थक्के के प्रकार क्या हैं?

रक्त के थक्के या हेमेटोमास, शरीर में जहाॅं पर बना है, उस आधार पर वर्गीकृत किया जाता है। प्लेसेंटा के संबंध में, हेमेटोमास के दो प्रकार हैं: सबकोरियोनिक हेमेटोमास और रेट्रोप्लेसेंटल हेमेटोमास। 

ADVERTISEMENTS

प्लेसेंटा के किनारों के साथ उत्पन्न होने वाले रक्त के थक्कों को सबकोरियोनिक हेमेटोमास कहा जाता है, और प्लेसेंटा के पीछे होने वाले थक्कों को रेट्रोप्लेसेंटल हेमेटोमास के रूप में जाना जाता है। गर्भनाल के पास ब्लड वेसल यानी रक्त वाहिकाओं के टूटने के कारण होने वाले एक अन्य प्रकार के रक्त के थक्के को एमनियोटिक हेमेटोमा कहा जाता है और यह आमतौर पर प्लेसेंटा के सामने पाया जाता है। इस प्रकार के रक्त के थक्के का निदान अल्ट्रासाउंड का उपयोग करके डॉक्टर द्वारा किया जाता है सबकोरियोनिक हेमेटोमास का पहली तिमाही में ही निदान किया जा सकता है।

गर्भावस्था के दौरान गर्भाशय में रक्त के थक्के के कारण

गर्भाशय में रक्त के थक्के तब होते हैं जब प्लेसेंटा का एक हिस्सा गर्भावस्था के दौरान गर्भाशय की दीवार से अलग हो जाता है। इसके अलग होने के कारणों की जांच डॉक्टर करते हैं, लेकिन थोड़ी सफलता के साथ। हालांकि, डॉक्टर कुछ जोखिम के कारणों को पहचान भी लेते हैं।

ADVERTISEMENTS
  • जिन महिलाओं को ऑटोमोबाइल दुर्घटना, या किसी अन्य प्रकार की दुर्घटना के कारण पेट में चोट लगी है, उनको यह जोखिम हो सकता है।
  • उन मांओं को भी खतरा होता है, जिन्हें हाई ब्लड प्रेशर रहता है, इससे गंभीर रक्तस्राव हो सकता है।

कॉम्प्लिकेशन

ज्यादातर, गर्भाशय के थक्के गर्भाशय में फिर से अब्सॉर्ब हो जाते हैं, या वे डिलीवरी तक शरीर में रहते हैं। प्रेगनेंसी के दौरान अल्ट्रासाउंड से डॉक्टर यह पता लगाने की कोशिश करते हैं, कि गर्भावस्था ठीक से आगे बढ़ रही है, तब तक चिंता करने की कोई बात नहीं है।

गर्भावस्था के दौरान रक्त के थक्कों के कारण होने वाली जटिलताएं दिल के दौरे से लेकर मिसकैरेज तक हो सकती हैं। इसलिए, गर्भावस्था के दौरान होने वाली किसी भी तरह की भारी ब्लीडिंग को लेकर सचेत रहें।

ADVERTISEMENTS

हालांकि, यह देखा गया है कि जो सबसे आम प्रकार है, उस सबकोरियोनिक हेमेटोमास के कारण गर्भपात होने की बहुत कम संभावना होती है। 

उपचार

इनमें से अधिकांश रक्त के थक्कों को किसी भी प्रकार के उपचार की आवश्यकता नहीं होती है और वे स्वयं ही ठीक हो जाते हैं। इसका एक ही उपाय है, पूरी तरह से आराम करना। इसके अलावा, आकार और किसी भी तरह की आगे की जटिलताओं का आकलन करने के लिए कुछ हफ्तों तक क्लॉट्स पर नजर रखने की सलाह दी जाती है। कभी-कभी, केवल डिलीवरी के दौरान क्लॉट का पता लगाया जा सकता है। इन मामलों में, माँ को थक्के के उपचार पर जांच रखने के लिए अल्ट्रासाउंड के साथ ध्यान देने की जरुरत होती है।

ADVERTISEMENTS

गर्भावस्था के दौरान वजाइना से बहुत ज्यादा ब्लीडिंग एक असामान्य घटना है और इसके बारे में डॉक्टर को जरूर बताना चाहिए। यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि योनि से ब्लीडिंग सेक्स करने या हार्मोन में बदलाव जैसे कारकों के कारण भी हो सकती है, और जरूरी नहीं कि यह चिंता का कारण हो। यदि ऐसा होता है तो एक अल्ट्रासाउंड द्वारा ब्लीडिंग के कारण और ब्लड क्लॉट बनने की जगह और आकार का निदान हो सकता है। गर्भावस्था के दौरान किसी भी प्रकार के रक्तस्राव या अन्य असामान्य बदलावों को ट्रैक करना और डॉक्टर को सूचित करना माँ और बच्चे के लिए किसी भी जोखिम से बचने का सबसे अच्छा तरीका है।

सोर्स: What to Expect

ADVERTISEMENTS

यह भी पढ़ें:

गर्भावस्था के दौरान गर्भाशय अब्नॉर्मल होना
गर्भावस्था के दौरान गर्भाशय की रसौली (यूटराइन फाइब्रॉएड)
गर्भावस्था के दौरान गर्भाशय (यूटरस) – कार्य, पोजीशन और साइज

ADVERTISEMENTS
दीपिका श्रीवास्तव

Recent Posts

प्रिय शिक्षक पर निबंध (Essay On Favourite Teacher In Hindi)

शिक्षक हमारे जीवन में अत्यधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वह केवल किताबों से ज्ञान नहीं…

10 months ago

मेरा देश पर निबंध (Essay On My Country For Classes 1, 2 And 3 In Hindi)

मेरा देश भारत बहुत सुंदर और प्यारा है। मेरे देश का इतिहास बहुत पुराना है…

10 months ago

शिक्षा का महत्व पर निबंध (Essay On The Importance Of Education In Hindi)

शिक्षा यानी ज्ञान अर्जित करने और दिमाग को सोचने व तर्क लगाकर समस्याओं को हल…

10 months ago

अच्छी आदतों पर निबंध (Essay On Good Habits in Hindi)

छोटे बच्चों के लिए निबंध लिखना एक बहुत उपयोगी काम है। इससे बच्चों में सोचने…

10 months ago

कक्षा 1 के बच्चों के लिए मेरा प्रिय मित्र पर निबंध (My Best Friend Essay For Class 1 in Hindi)

बच्चों के लिए निबंध लिखना बहुत उपयोगी होता है क्योंकि इससे वे अपने विचारों को…

10 months ago

मेरा प्रिय खेल पर निबंध (Essay On My Favourite Game In Hindi)

खेल हमारे जीवन में बहुत अहम भूमिका निभाते हैं। ये न सिर्फ मनोरंजन का साधन…

10 months ago