गर्भावस्था

सर्विक्स का कमजोर होना

सर्वाइकल इंकॉम्पिटेंस या सर्वाइकल अयोग्यता गर्भवती महिलाओं की एक ऐसी स्थिति है, जिसमें सर्विक्स कमजोर होता है और गर्भावस्था के शुरुआती चरण में ही खुल जाता है। आमतौर पर सर्विक्स तब खुलता है, जब बच्चे का जन्म होने वाला होता है, उसके पहले नहीं। लेकिन अयोग्य या अक्षम सर्विक्स से ग्रस्त गर्भवती महिला में यह काफी पहले ही खुल जाता है, जिससे प्रीमैच्योर डिलीवरी का खतरा पैदा हो जाता है। 

सर्विक्स क्या होता है?

सर्विक्स गर्भाशय का सबसे निचला हिस्सा है, जो बर्थ कैनाल से जुड़ा रहता है, जिसे वेजाइना कहते हैं। प्रेगनेंसी के दौरान सर्विक्स बंद रहता है और बच्चे को गर्भाशय के अंदर रखने के लिए दरवाजे के रूप में काम करता है। जब बच्चा अपना समय पूरा कर लेता है, तब यह पतला होना शुरू कर देता है और नॉर्मल वेजाइनल डिलीवरी में बर्थ कैनाल के द्वारा बच्चे को बाहर निकालने के लिए डायलेट होता (खुलता या फैलता) है। 

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सर्विक्स के कमजोर होने का क्या मतलब होता है?

सर्वाइकल इंसफिशिएंसी एक ऐसी स्थिति है, जिसमें सर्विक्स कमजोर हो जाता है और गर्भावस्था के शुरुआती समय के दौरान ही खुल जाता है। जब बच्चा गर्भाशय के अंदर बड़ा होता है, तो उसका वजन बढ़ने लगता है और यह वजन सर्विक्स पर पड़ता है। अगर सर्विक्स पर्याप्त शक्तिशाली न हो, तो यह विकसित हो रहे बच्चे के दबाव को झेल नहीं पाता है। सर्विक्स अयोग्य होने पर, अगर समय पर इसकी पहचान न हो, तो खासकर दूसरी तिमाही के दौरान प्रीटर्म डिलीवरी या मिसकैरेज की संभावना हो सकती है। यह स्थिति बहुत आम नहीं होती है और यह केवल सौ गर्भवती महिलाओं में से किसी एक में देखी जाती है। 

कारण

गर्भवती महिला में अक्षम सर्विक्स के कई कारण हो सकते हैं, जो कि इस प्रकार हैं: 

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  • जन्म के समय ही सर्विक्स में बिगाड़, जिसका मतलब होता है जन्म के समय से ही महिला के सर्विक्स या गर्भाशय की बनावट में खराबी।
  • किसी प्रक्रिया के दौरान सर्वाइकल दीवारों में होने वाला कोई नुकसान, जैसे डायलेशन एंड क्यूरेटेज (डी एंड सी), कैंसर डिटेक्शन के लिए बायोप्सी या सर्वाइकल कैंसर के लिए एलईईपी ट्रीटमेंट।
  • पिछली डिलीवरी के दौरान सर्विक्स को पहुंचने वाला किसी तरह का आघात।
  • गर्भावस्था के दौरान मिसकैरेज से बचाव के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले डाईइथाइलस्टिलबेस्‍ट्रोल (डीईएस) से होने वाला संपर्क, जिसे रीप्रोडक्टिव ट्रैक्ट में समस्याएं पैदा करने के लिए जाना जाता है।
  • बिना किसी ज्ञात कारण के दूसरी तिमाही में पहले हो चुकी मिसकैरेज की घटना।

संकेत और लक्षण

अक्षम सर्विक्स से ग्रस्त गर्भवती महिला आमतौर पर दूसरी तिमाही के दौरान 14वें और 20वें सप्ताह के बीच कुछ हल्के लक्षणों का अनुभव शुरू कर देती है। जिन महिलाओं को सर्वाइकल इंकॉम्पिटेंस के कारण पहले कभी मिसकैरेज नहीं हुआ है, वे कभी-कभी इन लक्षणों को पहचान नहीं पाती हैं। अगर आप निम्नलिखित लक्षणों में से किसी का अनुभव कर रही हैं, तो आपको तुरंत अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए: 

  • वेजाइना से होने वाली स्पॉटिंग या हल्की ब्लीडिंग
  • पेल्विक क्षेत्र में दबाव महसूस होना
  • गर्भाशय में मरोड़ जैसा दर्द होना
  • कमर का दर्द
  • वेजाइना से सफेद डिस्चार्ज होना जो समय के साथ गुलाबी रंग में बदल जाए

रेगुलर चेकअप के दौरान डॉक्टर आमतौर पर सर्विक्स की लंबाई को चेक करते हैं और साथ ही सर्विक्स का डायलेशन भी चेक करते हैं, ताकि इंसफिशिएंसी के मामले का पता लगाया जा सके। 

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कॉम्प्लिकेशन

अयोग्य सर्विस से ग्रस्त गर्भवती महिला को जब समय पर उचित देखभाल और इलाज नहीं मिलता है, तो उसे प्रेगनेंसी के दौरान कुछ जटिलताओं का सामना करना पड़ सकता है, जैसे:

1. प्रीटर्म बेबी

अगर सर्विक्स दूसरी तिमाही के बाद के चरणों के दौरान खुलता है, तो बच्चे के समय से पहले जन्म लेने की बहुत अधिक संभावना होती है। ऐसे मामलों में जब तक बच्चा परिपक्व नहीं हो जाता और स्वतंत्रता से फंक्शन नहीं कर सकता, तब तक उसे लाइफ सपोर्ट और इनक्यूबेटर की जरूरत पड़ती है। 

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2. स्टिलबर्थ

20वें सप्ताह के बाद होने वाले प्रेगनेंसी लॉस को स्टिलबर्थ कहा जाता है। जब बहुत ही कम आयु में बच्चे का जन्म हो जाता है, तब वह इतना विकसित नहीं होता है, कि वह गर्भाशय के बाहर जीवित रह सके। 

3. मिसकैरेज

जिन महिलाओं का सर्विक्स 18 से 20वें सप्ताह के बीच कमजोर पड़ जाता है, उनके बच्चे आमतौर पर मिसकैरेज का शिकार हो जाते हैं। अगर बच्चा गर्भावस्था के 23वें सप्ताह से पहले जन्म लेता है, तो वह जीवित नहीं रह पाता है। 

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इन जटिलताओं की स्थिति में, समय पर दवाओं, सर्जिकल प्रक्रियाओं और आराम जैसे तरीकों को अपनाया जाए तो अधिकतर महिलाएं अपने फुलटर्म बच्चों को सफलतापूर्वक जन्म दे सकती हैं। 

यह कितना आम है?

गर्भवती महिलाओं के बीच अयोग्य या अक्षम सर्विक्स एक बहुत आम समस्या नहीं है और सौ में से केवल एक गर्भवती महिला का सर्विक्स कमजोर होता है। 

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इसकी पहचान कैसे होती है?

आमतौर पर, डॉक्टर गर्भवती महिला में सर्वाइकल इंकॉम्पिटेंस के संकेतों की जांच करने के लिए दूसरी तिमाही के दौरान कुछ खास टेस्ट करते हैं। ये टेस्ट पहले हो चुके मिसकैरेज या प्रीटर्म शिशु के जन्म के इतिहास और इंकॉम्पिटेंस के सौम्य लक्षण के आधार पर किए जाते हैं या फिर आम वैलनेस चेकअप के तौर पर किए जाते हैं। यह जांच आमतौर पर निम्नलिखित में से किसी एक तरीके से की जाती है:

1. ट्रांसवेजाइनल अल्ट्रासाऊंड

यह एक सर्वाइकल इंकॉम्पिटेंस रेडियोलॉजी टेस्टिंग मेथड है, जिसमें एक पतले ट्रांसड्यूसर को वेजाइना के अंदर डाला जाता है और सर्विक्स की अल्ट्रासाउंड बेस्ट तस्वीरें ली जाती हैं। वेजाइनल एरिया के अल्ट्रासाउंड से सर्विक्स की लंबाई में किसी असामान्यता (2.5 सेंटीमीटर से कम), वेजाइना में फीटल मेंब्रेन की मौजूदगी और सर्विक्स के डायलेशन की जानकारी मिल जाती है। आमतौर पर यह गर्भावस्था के 15वें सप्ताह के दौरान किया जाता है। 

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2. पेल्विस की जांच

प्रोलेप्सड फीटल मेंब्रेन यानी वेजाइना में फीटल मेंब्रेन का बाहर आ जाना जैसी स्थिति की जांच के लिए डॉक्टर सर्विक्स को फिजिकली जांचते हैं। डॉक्टर सर्विक्स की स्थिति की जांच भी कर सकते हैं और इस जांच के द्वारा सर्विक्स में किसी शारीरिक नुकसान की मौजूदगी का पता लगा सकते हैं। अगर डॉक्टर सर्विक्स में फीटल मेंब्रेन को महसूस करते हैं, तो इसका मतलब होता है कि सर्विक्स समय से पहले खुल गया है।

3. एम्नियोसेंटेसिस

अगर ऊपर के दोनों टेस्ट कमजोर सर्विक्स का संकेत देते हैं, तो डॉक्टर आमतौर पर एम्नियोसेंटेसिस करते हैं। यह एक सिंपल लेबोरेटरी प्रक्रिया होती है, जिसमें एमनियोटिक सैक के एक छोटे हिस्से को लिया जाता है और उसमें फीटस को घेरने वाली सैक में किसी तरह के संक्रमण की जांच की जाती है। 

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इलाज

अगर डॉक्टर सर्वाइकल इंकॉम्पिटेंस की जांच करते हैं और उसे कम क्रिटिकल स्थिति में पाते हैं, तो वे आमतौर पर महिला के इलाज के लिए निम्नलिखित में से किसी एक तरीके का चुनाव करते हैं: 

1. प्रोजेस्टेरोन के सप्लीमेंट

प्रोजेस्टेरोन एक प्राकृतिक स्टेरॉयड हॉर्मोन है, जिसे मिसकैरेज और प्रीमैच्योर डिलीवरी से बचाव के लिए दूसरी तिमाही में दिया जाता है। आमतौर पर इसे साप्ताहिक शॉट या प्रिपरेशन के रूप में दिया जाता है, जिसे वेजाइना में डाला जा सकता है। हालांकि यह इलाज मल्टीपल प्रेगनेंसी में सफल नहीं होता है। 

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2. लगातार मॉनिटर करना

जिन महिलाओं में पहले भी कमजोर सर्विक्स की समस्या हो चुकी है या सर्विक्स में डैमेज हो चुका है, उन्हें डॉक्टर आमतौर पर अल्ट्रासाउंड स्कैन के द्वारा हर 2 सप्ताह में एक बार सर्विक्स की लंबाई की जांच करते हैं। इस लगातार जांच के दौरान अगर सर्विक्स खुलना शुरू करता है, तब डॉक्टर सर्वाइकल ओपनिंग की सिलाई करने के लिए तुरंत एक सर्जरी करते हैं, जिससे सर्वाइकल सरक्लेज कहा जाता है। 

3. सर्वाइकल सरक्लेज

यह एक सर्जिकल प्रक्रिया होती है, जिसे डॉक्टर उन महिलाओं पर करते हैं जिनके सर्विक्स समय से पहले खुल जाते हैं। इस प्रक्रिया में डॉक्टर सर्विक्स की ओपनिंग को कुछ इस प्रकार सिल देते हैं, कि वह गर्भाशय में बढ़ रहे शिशु के दबाव को झेल सके। इससे शिशु को गर्भ में स्थिर रखने में बहुत मदद मिलती है। जो महिलाएं पहले भी इस स्थिति से गुजर चुकी होती हैं, उनमें सर्विस के कमजोर पड़ने से पहले ही डॉक्टर इस प्रक्रिया को कर देते हैं। इसे एक सावधानी के रूप में किया जाता है। लेकिन इलाज के इस विकल्प के कुछ बंधन होते हैं। 

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निम्नलिखित स्थितियों में महिला का सर्वाइकल सरक्लेज नहीं किया जा सकता है:

  • अगर गर्भ में जुड़वां या उससे अधिक बच्चे हों।
  • अगर सर्विक्स का फैलाव 4 सेंटीमीटर तक पहुंच चुका हो।
  • अगर सर्विक्स में किसी तरह की इरिटेशन हो।
  • अगर फीटल मेंब्रेन में कोई रप्चर हो।

बचाव

गर्भधारण से पहले अक्षम सर्विक्स से बचाव के लिए ज्यादा कुछ नहीं किया जा सकता है। लेकिन जब आप प्रेग्नेंट हो जाती हैं, तब आप अपनी गर्भावस्था को सफल बनाने के लिए इन आसान तरीकों को अपना सकती हैं: 

1. सही पोषण

आप ढ़ेर सारे ताजे फल, सब्जियां और नट्स का सेवन कर सकती हैं, ताकि प्रेगनेंसी के दौरान जरूरी पोषक तत्व मिल सकें। कैल्शियम, आयरन और फोलिक एसिड मां और बच्चे दोनों के अच्छे स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने के लिए बेहद जरूरी होते हैं। 

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2. नियमित रूप से डॉक्टर का परामर्श लेना

अगर आपका पहले भी मिसकैरेज हो चुका है या आपने पहले भी प्रीटर्म बच्चे को जन्म दिया हुआ है, तो आपको अपने डॉक्टर से नियमित चेकअप जरूर कराना चाहिए। डॉक्टर समय-समय पर अल्ट्रासाउंड के द्वारा आपके सर्विक्स की स्थिति की जांच करेंगे और सुरक्षित डिलीवरी के लिए जरूरी सावधानियों की सलाह देंगे। 

3. सीमित शारीरिक गतिविधियां

अगर आपको सर्वाइकल इंकॉम्पिटेंस का खतरा है, तो अधिक शारीरिक एक्टिविटी से बचने की कोशिश करें। आप बेड रेस्ट का चुनाव कर सकती हैं, खासकर दूसरी तिमाही के बाद। 

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4. शारीरिक संबंध से बचें

अगर आपका सर्विक्स कमजोर है, तो आपके डॉक्टर आपको पूरी प्रेगनेंसी के दौरान यौन संबंध से बचने की सलाह दे सकते हैं। 

इस मेडिकल स्थिति और इससे जुड़ी सावधानियों के बारे में अधिक जानकारी हासिल करें, ताकि आप इस समस्या से निजात पा सकें और आपकी गर्भावस्था सफल हो सके। जिन्हें सर्वाइकल इंकॉम्पिटेंस की समस्या पहले भी हो चुकी है, उन्हें अपराध बोध या डिप्रेशन हो सकता है और वे भावनात्मक तनाव से ग्रस्त हो सकते हैं। डॉक्टर और परिवार के द्वारा उचित देखभाल और सहयोग के साथ महिला पूरी प्रेगनेंसी के दौरान सकारात्मक रह सकती है। अगर आपको अक्षम सर्विक्स की समस्या है, तो सर्वाइकल सरक्लेज से आपको मदद मिल सकती है। कमजोर सर्विक्स से निपटने के लिए यह एक बेहद प्रभावी तरीका है और फुलटर्म बच्चों को सफलतापूर्वक जन्म देने में इस तरीके की सफलता की दर भी बहुत ऊंची है। 

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यह भी पढ़ें:

गर्भावस्था के दौरान सर्वाइकल कैंसर होना
गर्भावस्था के शुरूआती चरण में सर्विक्स की स्थिति
क्या सर्वाइकल म्यूकस से गर्भावस्था का पता लगाया जा सकता है?

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पूजा ठाकुर

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