गर्भावस्था

गर्भावस्था में हर्बल चाय – कौन सी सही है और कौन सी खतरनाक

कई महिलाएं जब भी गर्म सूदिंग ड्रिंक पीना चाहती हैं या जब वे अपना वजन कम करने की कोशिश कर रही होती हैं तो हर्बल चाय पीना पसंद करती हैं। लेकिन गर्भावस्था के दौरान वे यह जरूर सोचती हैं कि उन्हें हर्बल चाय पीनी चाहिए या नहीं। गर्भावस्था एक महिला के जीवन के सबसे महत्वपूर्ण समय में से एक होती है लेकिन यह अपने साथ कुछ बंधन भी लाती है और हर्बल चाय पीना उनमें से एक है। गर्भावस्था के दौरान कुछ हर्बल चाय पीना सुरक्षित माना जाता है, बशर्ते कि आप उन्हें सीमित मात्रा में ही पिएं।

हर्बल टी क्या है?

हर्बल चाय विभिन्न प्रकार के पौधों की जड़ों, फूलों, बीजों, बेरी और पत्तियों से बनाई जाती है और औषधीय उपायों के लिए इस्तेमाल की जाती है। हर्बल चाय में कैफीन नहीं होता है, इसलिए यह इसे एक लोकप्रिय और हेल्दी ड्रिंक बनाता है।

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क्या गर्भावस्था के दौरान हर्बल टी पीना सही है?

गर्भावस्था के दौरान हर्बल चाय पीना तब तक सुरक्षित है जब तक आप इसे सीमित मात्रा में पीती हैं। सिर्फ इसलिए कि हर्बल चाय में प्राकृतिक तत्व होते हैं, इसका मतलब यह नहीं है कि आप इसे जितना चाहें उतना पी सकती हैं। गर्भावस्था के दौरान कुछ प्रकार की हर्बल चाय से पूरी तरह बचना चाहिए। यदि हर्बल चाय का एक डिब्बा दावा करता है कि यह ‘प्राकृतिक’ है, तो यह इसे ‘सुरक्षित’ नहीं बनाता है। कई ऐसी जड़ी-बूटियों होती हैं, जो गर्भ में पल रहे बच्चे को नुकसान पहुंचा जा सकती हैं। उदाहरण के लिए, गर्भावस्था के दौरान रास्पबेरी के पत्तों की चाय या पेपरमिंट की चाय पीना अच्छा होता है, लेकिन इसे अधिक मात्रा में पीने से कॉन्ट्रैक्शन हो सकते हैं और समय से पहले प्रसव का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए किसी भी हर्बल चाय को पीने से पहले आपको अपने डॉक्टर से जरूर पूछना चाहिए।

गर्भावस्था के दौरान हर्बल टी पीने के फायदे

गर्भावस्था के दौरान कुछ हर्बल चाय पीना आपके स्वास्थ्य के साथ-साथ आपके बच्चे के स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद होती है क्योंकि वे आपको गर्भावस्था के दौरान आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करती हैं। हर्बल चाय आपके स्वास्थ्य को किस तरह से फायदा पहुंचाती है, इसके लिए आगे पढ़ें।

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  • कुछ हर्बल चाय में अच्छी मात्रा में पोषक तत्व होते हैं जो वास्तव में गर्भावस्था के दौरान शरीर को लाभ पहुंचा सकते हैं।
  • हर्बल टी की सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें कैफीन नहीं होता है। इसलिए यह चाय या कॉफी की जगह नया विकल्प बन सकती है।
  • हर्बल चाय पीने से आपके शरीर पर सुखदायक और शांत प्रभाव पड़ता है। यह तनाव और चिंता को कम करने में भी मदद करती है।
  • जिन गर्भवती महिलाओं को मॉर्निंग सिकनेस की समस्या अधिक होती है, उनको हर्बल चाय का स्वाद और गंध कुछ हद तक राहत दे सकती है।
  • हर्बल चाय का खास फायदा ये भी है कि यह प्रसव के दौरान गर्भाशय की सहायता कर सकती है।

गर्भवती महिलाओं के लिए कौन सी हर्बल चाय सुरक्षित होती है?

कोई विशेष स्टडी नहीं है जो यह साबित करती हो कि एक विशिष्ट हर्बल चाय गर्भवती महिलाओं के लिए अच्छी है। हालांकि, सामान्य स्तर पर ज्यादातर जड़ी-बूटियां जिन्हें उपभोग के लिए अच्छा समझा जाता है, उनका उपयोग हर्बल चाय बनाने के लिए किया जा सकता है।

जब तक आप इसे कम मात्रा में पीती हैं, तब तक ज्यादातर हर्बल चाय का सेवन करना सुरक्षित माना जाता है। मॉडरेशन में पीना हमेशा से सही साबित हुआ है। जड़ी-बूटियां जैसे पुदीना और अजवाइन कोई नुकसान नहीं पहुंचाती हैं और इनका उपयोग करके तैयार की गई हर्बल चाय की सीमित मात्रा का सेवन करना सही रहता है। हर्बल चाय अधिक कंसन्ट्रेटेड होती है, इसलिए आपको इसका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए।

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हर्बल चाय जिनका सेवन गर्भावस्था के दौरान सुरक्षित है

नीचे कुछ हर्बल चाय के बारे में बताया गया है जो गर्भावस्था के दौरान सेवन करने के लिए सुरक्षित मानी जाती हैं। हालांकि, इसका सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

1. लेमन बाम चाय

लेमन बाम टी का शरीर पर सुखदायक और शांत प्रभाव पड़ता है। यह स्ट्रेस लेवल और तनाव को कम करने में मदद करती है और साथ ही डाइजेशन भी अच्छा रहता है। लेमन बाम की चाय पीने से अच्छी नींद भी आती है। तो आप गर्भवती होने पर इस चाय को पी सकती हैं – लेकिन इसे कम मात्रा में पीना फायदेमंद रहेगा।

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2. रूइबोस चाय

यह चाय रेड टी के नाम से भी जानी जाती है, जो उन महिलाओं के लिए वरदान साबित होती है जिन्हें गर्भावस्था के दौरान पाचन संबंधी समस्या या एसिड रिफ्लक्स की समस्या होती है। इसमें मैग्नीशियम और कैल्शियम होता है और यह एंटीऑक्सीडेंट का अच्छा स्रोत होती है। यह कैफीन मुक्त भी है और इसमें टैनिन का स्तर कम होता है, इसलिए इस चाय को गर्भावस्था के दौरान भी लिया जा सकता है।

3. पिपरमिंट लीफ चाय

पुदीने की जड़ी बूटी पेट के लिए काफी अच्छी मानी जाती है और पुदीने की पत्ती की चाय पीने से पेट की मांसपेशियों को आराम मिलता है। यह मतली, मॉर्निंग सिकनेस और गैस को कम करने में भी मदद करती है। हालांकि, इसका कम मात्रा में सेवन किया जाना चाहिए क्योंकि यह कुछ महिलाओं में सीने में जलन की समस्या को बढ़ा सकती है।

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4. अदरक की चाय

गर्भावस्था के दौरान अदरक की चाय पीने से मॉर्निंग सिकनेस और टेंशन कम होती है। यह चाय पाचन संबंधी समस्याओं से भी राहत दिलाती है और इम्यून सिस्टम को मजबूत करती है। गर्भवती महिलाओं के लिए एक से दो कप अदरक की चाय पीना फायदेमंद हो सकता है। हालांकि, इस चाय का भी कम मात्रा में सेवन किया जाना चाहिए और एक कप अदरक की चाय बनाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली अदरक की मात्रा 1/8 चम्मच से अधिक नहीं होनी चाहिए।

5. रास्पबेरी लीफ चाय

अपने रूप में थोड़ी अजीब, इस चाय का सेवन आमतौर पर गर्भावस्था की दूसरी और तीसरी तिमाही में किया जाता है। रास्पबेरी के पत्तों की चाय में कैल्शियम, मैग्नीशियम और आयरन की मात्रा काफी होती है। यह हर्बल चाय यूट्रस को भी मजबूत करती है और उसे प्रसव के लिए तैयार करती है। यह डिलीवरी के बाद ब्लीडिंग को भी रोकने में मदद करती है। इसलिए इसे तब पीएं जब आप अपनी गर्भावस्था के छठे महीने या उससे आगे हों।

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गर्भावस्था के दौरान कौन सी हर्बल चाय का सेवन न करें

गर्भावस्था के दौरान कुछ हर्बल चाय से आपको बचना चाहिए। नीचे कुछ ऐसी ही हर्बल टी के बारे में बताया गया है जिनका उपयोग गर्भावस्था के दौरान सावधानी के साथ किया जाना चाहिए और इनसे बचना बेहतर होता है।

1. कैमोमाइल चाय

कैमोमाइल जड़ी बूटी नींद को बढ़ावा देने और तनाव को कम करने के लिए जानी जाती है। कैमोमाइल चाय पीने से गर्भावस्था के दौरान जोड़ों के दर्द से राहत मिल सकती है। एक कप कैमोमाइल चाय आपकी गर्भावस्था को प्रभावित नहीं करेगी, लेकिन इसे नियमित रूप से या बड़ी मात्रा में पीने से आपकी प्रेगनेंसी में दिक्कत आ सकती है। इस चाय को पीने से गर्भाशय के कॉन्ट्रैक्शन शुरू हो सकते हैं, इसलिए इससे बचना चाहिए।

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2. नेटल चाय

गर्भावस्था के दौरान बिछुआ (नेटल) चाय के सेवन को लेकर लोगों की अलग-अलग राय है। चूंकि इस चाय में मैग्नीशियम, कैल्शियम और आयरन अधिक मात्रा में होता है, इसलिए इसे पहली तिमाही के दौरान गर्भवती महिलाओं के लिए सुरक्षित माना जाता है। सूखे पत्तों से बनी यह चाय पीना सुरक्षित होती है; हालांकि, जड़ से बनी यह चाय गर्भाशय के संकुचन या मिसकैरेज का कारण बन सकती है। नेटल चाय का उपयोग काफी विवादास्पद है इसलिए इसे नहीं पीना चाहिए।

3. डंडेलियन चाय

एक काफी लोकप्रिय जड़ी बूटी है, जिसका आपके शरीर पर अजीबोगरीब प्रभाव पड़ता है। डंडेलियन में विटामिन ए और कैल्शियम की मात्रा भरपूर होती है। इसमें काफी मात्रा में पोटेशियम भी पाया जाता है, जो इसे शरीर के लिए एक शक्तिशाली मूत्रवर्धक बनाता है, यानी कि इससे आपको यूरिन ज्यादा होती है। डंडेलियन चाय पीने से कुछ मामलों में गर्भावस्था के दौरान होने वाली सूजन को कम किया जाता है, लेकिन इसे सावधानी के साथ इस्तेमाल किया जाना चाहिए क्योंकि यह एक मजबूत मूत्रवर्धक है।

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4. पेनिरॉयल चाय

यह जड़ी बूटी गर्भाशय के संकुचन को ट्रिगर करने और पीरियड होने का कारण बनने के लिए जानी जाती है। इसलिए गर्भावस्था के दौरान पेनिरॉयल जड़ी-बूटी से तैयार किसी भी हर्बल चाय से पूरी तरह से आपको दूर रहना चाहिए।

5. मुलेठी चाय

मुलेठी की जड़ एक ऐसी जड़ी बूटी है जो समय से पहले प्रसव का कारण बन सकती है। इसलिए मुलेठी की जड़ से बनी हर्बल चाय पीने से बचें।

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6. सेज चाय

सेज एक प्रसिद्ध जड़ी बूटी है जिसमे थुजोन पाया जाता है। यह तत्व गर्भवती महिलाओं के ब्लड प्रेशर को बढ़ा सकता है और कुछ मामलों में गर्भपात का कारण भी बन सकता है। इसलिए अगर आप प्रेग्नेंट हैं तो सेज टी पीने से बचें।

7. पार्सले चाय

इस जड़ी बूटी का आजकल ज्यादा सेवन किया जाता है, लेकिन गर्भावस्था के दौरान इस हर्बल चाय का सेवन करना अच्छा नहीं माना जाता है। अजमोद की चाय भ्रूण के विकास में बाधा डालती है और जिसकी वजह से मिसकैरेज हो सकता है।

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8. स्लिपरी एल्म बार्क चाय

इसके दो प्रकार हैं। एल्म के पेड़ की भीतरी छाल का उपयोग करने से मतली से राहत मिलती है लेकिन बाहरी छाल यूट्रस को प्रभावित करती है जिससे गर्भपात होने का खतरा रहता है। बता दें कि इस चाय में छाल के स्रोत की पुष्टि नहीं की जा सकती है, इसलिए इस चाय को पीने से बचना चाहिए।

9. चिकोरी रूट चाय

यह हर्बल चाय गर्भवती महिलाओं के लिए सबसे हानिकारक चाय में से एक है। यह माँ और भ्रूण के स्वास्थ्य के लिए बहुत बड़ा खतरा है क्योंकि यह पीरियड  साइकिल को गति प्रदान करता है और यहां तक ​​कि इसकी वजह से गर्भपात भी हो सकता है।

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10. अल्फाल्फा चाय

अल्फाल्फा चाय का सेवन करने के स्वास्थ्य से जुड़े कई फायदें हैं। लेकिन हर्बल चाय के रूप में इसका सेवन करना सुरक्षित नहीं है। अगर इसका अधिक मात्रा में सेवन किया जाए तो यह शरीर के लिए हानिकारक हो सकती है।

11. येलो डॉक चाय

इस जड़ी बूटी का उपयोग शायद ही कभी किया जाता है, लेकिन इसका उपयोग करके तैयार की गई हर्बल चाय एक रेचक के रूप में कार्य करने के लिए जानी जाती है। इसलिए गर्भावस्था के दौरान इसका सेवन सुरक्षित नहीं होता है।

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नॉन-हर्बल टी क्या है?

नॉन-हर्बल टी तीन प्रकार की होती है: ग्रीन, ब्लैक, ओलोंग। नॉन-हर्बल टी चाय के पौधों की पत्तियों से बनाई जाती है। इस चाय में एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में होते हैं लेकिन इनमें कैफीन भी अधिक मात्रा में होता है। एक विशेष प्रकार की नॉन हर्बल चाय की कैफीन सामग्री मुख्य रूप से पत्तियों के ऑक्सीकरण समय पर निर्भर करती है।

क्या आप गर्भावस्था के दौरान नॉन-हर्बल चाय पी सकती हैं?

नॉन-हर्बल टी में एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा अधिक होती है लेकिन इसमें कैफीन भी होता है, जो गर्भवती महिला के लिए हानिकारक होता है। गर्भावस्था के दौरान, महिलाओं को कैफीन का सेवन कम करने या इससे पूरी तरह से बचने का सुझाव दिया जाता है। इसलिए गर्भावस्था के दौरान नॉन-हर्बल टी से बचना चाहिए।

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जबकि कुछ हर्बल चाय का कम मात्रा में सेवन करना सुरक्षित माना जाता है, उनसे बचना एक बेहतर विकल्प होता है। पौष्टिक आहार का सेवन करके आप गर्भावस्था के दौरान स्वस्थ रह सकती हैं। किसी भी चाय को उबालने और उसका सेवन करने से पहले, इसके लाभों और इससे जुड़े जोखिमों के बारे में जरूर जान लें। और उसे अपनी प्रेगनेंसी डाइट में शामिल करने से पहले अपने डॉक्टर से पूछ लें।

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समर नक़वी

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